सचिवालय से कुछ ही दूर और सरकार के खजाने को भरने वाले महत्वपूर्ण विभाग के हालात देख मुख्य सचिव चौंके बिना नहीं रहे। वाणिज्यिक कर आयुक्त प्रकाश राजपुरोहित अपने कार्यालय में मौजूद थे। पंत अतिरिक्त आयुक्तों व अन्य शीर्ष अफसरों के कक्षों का निरीक्षण करने पहुंचे तो 50 प्रतिशत से ज्यादा शीर्ष अधिकारी कार्यालय नहीं पहुंचे थे। कई अफसर एक घंटे देरी तक कार्यालय पहुंचे।
अफसरों के कक्षों के बाहर नया बजट लागू होने के बाद अपनी वैट व रिफंड संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए लोग इन अफसरों का इंतजार करते मिले। मुख्य सचिव पंत ने अफसरों के कक्षों में पत्रावलियों के निस्तारण की समय सीमा का हाल देखा तो वे खफा हुए, क्योंकि निस्तारण का समय कई गुना ज्यादा था।
कर भवन में बडे़ अफसर समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे और व्यापारियों से जुड़ी पत्रावलियों के समय पर निस्तारण नहीं होने से खफा पंत ने आयुक्त राजपुरोहित से कहा कि शीर्ष अफसरों का ही यही हाल है तो अन्य कार्मिकों में क्या संदेश जाएगा। सरकार के इस महत्वपूर्ण विभाग में ऐसा नहीं चलेगा।