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झालावाड़

जिले में 2022 के 12572 पेंडिग, 2025 के आवेदन को देखा ही नहीं, कैसे मिले गरीबों को लाभ

हाल-ए- खाद्य सुरक्षा योजना: आवेदनों पर बड़े साहब का नहीं ध्यान

झालावाड़Apr 04, 2025 / 11:18 am

harisingh gurjar

हाल-ए- खाद्य सुरक्षा योजना: आवेदनों पर बड़े साहब का नहीं ध्यान

एक्सक्लूसिव

हरिसिंह गुर्जर

झालावाड़.खाद्य सुरक्षा योजना में आवेदन को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में लोगों को हर दिन ई मित्र से लेकर सरकारी कार्यालयों तक के चक्कर काटने पड़ रहे है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। सरकार की ओर से लाखों लोगों को लाभाविंत करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन इसके विपरित बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग इस लाभ से वंचित होते दिखाई दे रहे है। जिनकी आर्थिक स्थिति भी खराब है, फिर भी जमीनी स्तर पर इन लोगों के लिए कोई सरकारी मशीनरी काम नहीं कर रही है। जिले के आठों उपखंड स्तर पर हजारों की संख्या में आवेदन पेडिंग पड़े है, जिन्हे उपखंड अधिकारियों ने सत्यापन करना तो दूर देखे तक नहीं है। ऐसे में उपखंड अधिकारियों द्वारा रूचि नहीं दिखाने से कई गरीब परिवार सरकार की महत्वपूर्ण खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। पत्रिका ने खाद्य सुरक्षा योजना को लेकर आवेदन करने वाले कई लोगों से बात की। जो ई मित्र व सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे है। सामने आया कि जरूरतमंदों को इस लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। सरकार की ओर से 26 जनवरी को खाद्य सुरक्षा पोर्टल शुरू किया गया था। ताकि पात्र लोग खाद्य सुरक्षा से जुड़ सकें।
वहीं जिले में 2022 के भी करीब 12572 आवेदन पेडिंग पड़े हुए है। वहीं 2025 के 25824 आवेदन आए है जिन्हे भी चार स्तरों पर पेडिंग दिखाया गया है, एक भी व्यक्ति को पात्र नहीं माना है।

अधिकारी नहीं दिखा रहे रूचि-

झालावाड़ जिले के आठों उपखंड स्तर पर 1 अप्रेल से 30 जून 2022 तक 41694 आवेदन आए थे। उसके बाद पोर्टन बंद कर दिया गया था। लेकिन 2022 तक के आवेदन में कई उपखंड अधिकारियों ने आवेदन को देखा तक नहीं है। जिसमें असनावर, गंगधार, खानपुर,मनोहरथाना उपखंड अधिकारियों ने एक भी व्यक्ति को पात्र नहीं माना है। इन उपखंड स्तर पर 0 पात्रता आ रही है।

नाम में मिस्टेक होने से भी अटके आवेदन-

जरूरतमंदों के सामने पोर्टल पर परेशानियां आ रही है। आधार कार्ड और राशनकार्ड में अंग्रेजी में नाम में स्पेलिंग मिस्टेक होना आम बात है। लेकिन अब यह मिस्टेक लोगों के लिए सिरदर्द बन गई है। एक भी अक्षर की मिस्टेक होने से नाम मैचिंग पोर्टल पर नहीं हो रहा है। जिसके कारण हजारों लोगों के आवेदन अटक गए है।
2022 के शहरी क्षेत्र के आवेदन

उपखंड आवेदन पेडिंग

अकलेरा 655 59

असनावर 7 3

भवानीमंडी 991 50

गंगधार 103 103

झा. पाटन 2400 648
खानपुर 36 32

मनोहरथाना 34 28

पिड़ावा 164 8

2022 के ग्राीण क्षेत्र के आवेदन

उपखंड आवेदन पेडिंग

अकलेरा 4984 233

असनावर 2125 352
भवानीमंडी 3909 268

गंगधार 5395 3539

झालरापाटन 4988 1613

खानपुर 5951 3017

मनोहरथाना 3541 1887

पिड़ावा 6411 732

झालावाड़ खाद्य सुरक्षा 2022 आवेदन फैक्ट फाइल

– – जिले में 1 अपे्रल से 30 जून 2022 तक 41694 आवेदन आए
– पात्र आवेदन 9926

– रिजेक्ट आवेदन-1345

– उपखंड अधिकारी के स्तर पर पेडिंग- 12572

– कमियों के कारण ई-मित्रों को सेंड बेक – 1785

खाद्य सुरक्षा आवेदन 26 जनवरी 2025: फैक्ट फाइल

-26जनवरी 2025 से पोर्टल चालू हुआ
– जिले में अभी तक कुल आवेदन आए 25824

– लेवल एक एसडीओ स्तर पर पेडिंग-13636

-लेवल दो पर बीपीओ, ईओ स्तर पर पेडिंग- 9499

– लेवल तीन पर समिति स्तर पर पेडिंग- 2269
– लेवल चार के स्तर पर पेडिंग- 2

– जिले में अभी तक पात्र-0

– जिले में अभी तक रिजेक्ट किए गए आवेदन-16

– जिले में सेंड बेक ईमित्रों को- 402
– जिले में 26 जनवरी से अभी तक बच्चे, नई आई बहुएं आदि के 43608 नए नाम जोड़े गए है।

– जिले में 26 जनवरी से अभी तक मृतक, पलायन कर्ता आदि के 14808 लोगों के नाम काटे गए है ।

केस एक-

पोर्टल खुला था तो जनवरी में आवेदन किया था, लेकिन अभी तक तो उसे किसी ने नहीं देखा है। खाद्य सुरक्षा योजना में पात्रता को इतना जटिल कर दिया है, लेकिन गरीब लोग भी इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। मजदूरी कर घर खर्च चला रहे हैं,फिर भी खाद्य सुरक्षा योजना में लाभ नहीं मिल रहा है, तो ऐसी योजना का क्या करें। रामेश्वर मजदूर पुराना कांजीबाड़ा, झालावाड़।

केस दो-

मजदूरी करते हैं करीब 6-7 हजार रुपए महीने के कमाते हैं। अब आवेदन के समय अधिकारिक दस्तावेज मांगा जा रहा है। जिसके चलते उसका आवेदन अटका हुआ है। जब किसी को पात्र ही नहीं मानना है, गरीबों को योजना का लाभ नहीं देना है तो दूबारा पोर्टल ही क्यों चालू किया। बृजेश मदारी खां तालाब,झालावाड़।

पता करवाते हैं-

बिलकुल सरकार का जो मकसद है, उसके अनुसार काम करना होगा। सभी उपखंड अधिकारियों को निर्देशित करेंगे, कहां किस स्तर पर कितनी पेडेंसी है, उसका क्या कारण है। पता करवाते हैं।

अजयसिंह राठौड़, जिला कलक्टर, झालावाड़।

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