सड़क पर उतरी महिलाएं
हालांकि, प्रशासन द्वारा इस मांग को अनसुना कर दिए जाने के कारण लोगों का आक्रोश भड़क उठा। रात में शराब की बिक्री शुरू होते ही स्थानीय लोग और अधिक उद्वेलित हो गए, जिसके चलते बुधवार सुबह से ही उन्होंने चक्काजाम कर दिया। सुबह 10 बजे से क्षेत्र की महिलाएं सड़कों पर उतर आईं और कटनी-बरही मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। इस दौरान महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तत्काल शराब दुकान बंद करने की मांग की।
शासन को करना पड़ा हस्तक्षेप
प्रदर्शन बढ़ता देख आबकारी विभाग के सहायक आबकारी अधिकारी एसबी कोरी और कोतवाली टीआई आशीष शर्मा बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं और स्थानीय नागरिक अपनी मांग पर अड़े रहे कि किसी भी स्थिति में शराब दुकान नहीं खुलने दी जाएगी। लगातार उग्र होते प्रदर्शन को देखते हुए अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया और अंततः निर्णय लिया गया। यह भी पढ़े –
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मौके पर पहुंचे सहायक आबकारी अधिकारी एसबी कोरी ने घोषणा की कि चूंकि स्थानीय लोगों द्वारा शराब दुकान खोले जाने का विरोध किया जा रहा है, इसलिए यहां दुकान नहीं खोली जाएगी। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
गोलमोल जवाब देते रहे आबकारी अधिकारी
इस विषय में जब पत्रिका ने सहायक आबकारी अधिकारी से सवाल किया कि जिस स्थान पर विभाग द्वारा शराब दुकान शिफ्ट करने की अनुमति दी गई थी, वहां से कुछ ही दूरी पर सत्यनारायण मंदिर, दुर्गा मंदिर, साईं मंदिर, अस्पताल, स्कूल और अन्य सार्वजनिक स्थल स्थित हैं। ऐसे में इस क्षेत्र से गुजरने वाली महिलाओं, बच्चों और युवतियों को परेशानी होगी, और नशेड़ियों तथा असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ेगा। इस पर सहायक आबकारी अधिकारी कोई स्पष्ट उत्तर देने में असमर्थ रहे और गोलमोल जवाब देते रहे। उन्होंने केवल इतना कहा कि यदि विरोध हो रहा है तो दुकान नहीं खोली जाएगी।
चक्काजाम से हुई भारी परेशानी
लगभग दो घंटे तक चले इस चक्काजाम के कारण स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कटनी से बरही जाने वाला मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिससे शहर से एनकेजे, जुहला बाईपास जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दो दिन पहले ही स्कूल शुरू हुए थे, ऐसे में स्कूली बच्चों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।