अड़े रहे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन को को बढ़ता देखकर आबकारी विभाग के सहायक आबकारी अधिकारी एसबी कोरी, कोतवाली टीआई आशीष शर्मा बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों को समझाइश देने का प्रयास करते रहे, लेकिन महिलाएं व स्थानीय लोग इस बात पर अड़े रहे कि किसी भी हालत में शराब दुकान नहीं खुलने दी जाएगी। जब तक शराब दुकान को बंद नहीं किया जाता तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा और लगातार प्रदर्शनकारी उग्र हो रहे थे। यह देखकर के अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और फिर निर्णय लिया।एडीओ की घोषणा के बाद बंद हुआ प्रदर्शन
मौके पर सहायक आबकारी अधिकारी एसबी कोरी ने इस बात की घोषणा की कि स्थानीय लोगों द्वारा शराब दुकान खोले जाने का विरोध किया जा रहा है तो शराब दुकान यहां पर नहीं खोली जाएगी। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। पत्रिका ने सहायक आबकारी अधिकारी से यह सवाल किया कि जहां पर विभाग द्वारा शराब दुकान शिफ्ट करने के लिए अनुमति दे दी गई है उससे कुछ ही दूरी पर भगवान सत्यनारायण का मंदिर, मां दुर्गा का मंदिर, साई बाबा का मंदिर, अस्पताल स्कूल व सार्वजनिक स्थल हैं। ऐसे में यहां से गुजरने वाली महिलाओं, बच्चों, युवतियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। दिनभर नशेडिय़ों और आसामाजिक तत्वों का डेरा रहेगा, आखिर क्यों नियमों को ताक पर रखकर अनुमति दे दी गई। इस पर सहायक आबकारी अधिकारी गोलमोल जवाब देते रहे। उन्होंने कहा कि विरोध हो रहा है तो दुकान नहीं खोली जाएगी।
परेशान हुए लोग
चक्काजाम के कारण लगभग 2 से तीन घंटे तक लोग परेशान रहे। मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया था। शहर की ओर आने वाले लोग वह शहर से एनकेजे, जुहला बाईपास की ओर जाने वाले लोग परेशान हुए। दो दिनों से स्कूल भी शुरू हो गए हैं। ऐसे में स्कूल आने जाने वाले बच्चों को भी खासी परेशानी हुई। चक्काजाम खत्म होने के बाद कड़ी मशक्कत कर पुलिस ने जाम को खुलवाया।पिंकी बर्मन, स्थानीय निवासी।
उमाभारती जायसवाल, स्थानीय निवासी।

गायत्री दुबे, स्थानीय निवासी। शहर में शराब की दुकानें बंद की जाएं। लाइसेंस रद्द किए जाएं। नशे के समाज में भयावह दुष्परिणाम हो रहे हैं। यहां पर किसी हाल में दुकान नहीं खुलने देंगे।
रजनी तिवारी, स्थानीय निवासी।
जिला आबकारी अधिकारी का तर्क
विभा मरकाम, जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि पहली तारीख को दुकान रखने की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है। दुकान यहां पर खुली नहीं थी। हम लोगों ने चौहद्दी नहीं लिखी थी। लोगों ने विरोध किया है तो वहां पर नहीं खोलने दिया जाएगा। शराब दुकान हाइवे में न हो, 100 मीटर पर कोई ट्रस्ट का मंदिर नहीं होना चाहिए, मान्यता प्राप्त स्कूल नहीं होना चाहिए, इन नियमों को देखा जाता है।