इस मुठभेड़ की पुष्टि बालाघाट पुलिस अधीक्षक एसपी रजत सकलेचा ने भी कर दी है। उनका कहना है कि बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच गोलीबारी हुई है। इसी दौरान दोनों महिला नक्सली को मार गिराया है। उनके कब्जे से एक एसएलआर राइफल और एक राइफल, वायरलेस सेट और अन्य दैनिक उपयोगी सामग्री बरामद की गई है। फिलहाल, पुलिस और हॉकफोर्स की सर्चिंग जारी है। बताया जा रहा है दोनों मृतक नक्सलियों पर 14-14 लाख रुपए इनाम था।
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बता दें कि अभियान में खासतौर पर नक्सली गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए गठित हॉक फोर्स शामिल है। यह फोर्स मध्य प्रदेश के उन इलाकों में सक्रिय है, जहां नक्सली गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं। पुलिस का दावा है कि, अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में नक्सलियों के प्रभाव को कमजोर करना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
सूचना पर शुरु हुआ था सर्च ऑपरेशन
छत्तीसगढ़ से सटे मध्य प्रदेश के बालाघाट और मंडला जिले नक्सल प्रभावित इलाके कहे जाते हैं। इन इलाकों में समय-समय पर नक्सली गतिविधियां देखने को भी मिलती हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार नक्सल विरोधी अभियानों को अंजाम दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि, खुफिया सूत्रों से उन्हें सूचना मिली थी कि, नक्सली इस इलाके में सक्रिय हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसी सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया और मुठभेड़ हो गई। यह भी पढ़ें- MP Rain Alert : 24 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी, तापमान में आई गिरावट पुलिस की सफाई
फिलहाल, मुठभेड़ के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। सुरक्षा बल ये सुनिश्चित करने में लगे हैं कि, कोई अन्य नक्सली इस इलाके से बचकर न भाग सके। पुलिस का दावा है कि, ऑपरेशन के बाद इलाके में नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगेगी। इस ताजा मुठभेड़ के बाद सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि, उनका लक्ष्य केवल नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति बहाल करना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।