Mandi News: 8 दिनों के मार्च क्लोजिंग अवकाश के चलते बंद रही जिले की विशिष्ट श्रेणी मेड़ता कृषि उपज मंडी नौवें दिन बुधवार को खुली। एक सप्ताह से अधिक बंद रही मंडी के खुलने के बाद व्यापारियों को रेकॉर्ड आवक की उम्मीद थी। लेकिन अपेक्षाकृत आवक सुस्त रही। मंडी में 25 हजार कट्टे कृषि जिंसों के ही पहुंचे। लेकिन सौंफ और जीरा ईसबगोल के भावों में बढ़ोतरी देखने को मिली। मंडी समिति की ओर से तय किए गए समय के अनुसार सुबह सवा 11 बजे से शुभ मुहूर्त में मंडी में ढेरी बोली का कार्य शुरू हो गया।
8 दिन मंडी बंद रहने के बाद सब को यह उम्मीद थी कि रबी सीजन की सर्वाधिक आवक होगी। उस हिसाब से मंडी समिति और व्यापारियों ने कमर भी कस रखी थी। लेकिन मंडी में आवक सामान्य ही रही। लेकिन पत्रिका की रिपोर्ट में जताई गई संभावना के मुताबिक मंडी में रबी जिंसों के भाव सामान्य से तेज रहे। मंडी में 25 हजार कट्टे कृषि जिंसों की आवक हुई। जिसमें सर्वाधिक जीरा और इसके बाद चना, रायड़ा पहुंचा। हालांकि कम आवक के पीछे किसानों का अच्छे भावों को लेकर इंतजार करना या फिर एक सप्ताह से खुल रही मंडी में व्यापार की स्थिति को लेकर उपज घरों में होल्ड करना माना जा रहा है।
मंडी व्यापार एवं उद्योग संघ अध्यक्ष हस्तीमल डोसी ने बताया कि मंडी में सर्वाधिक 9 हजार कट्टे जीरे की आवक हुई। इसी तरह 6 हजार कट्टा चना मंडी में पहुंचा। इसी प्रकार 5 हजार कट्टे रायड़ा की भी आवक हुई। वहीं सौंफ, ईसबगोल, असालिया, सिंधीसुआ सहित 5 हजार बोरी अन्य उपज को लेकर मंडी में 25 हजार कट्टे कृषि जिंसों के पहुंचे।