चलती ट्रेन में बनाया शिकार
सिकंदराबाद रेलवे पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को जानकारी साझा की। यह जघन्य कृत्य 3 अप्रैल की सुबह हुआ, जब पीड़िता अपने परिवार के साथ यात्रा कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पहले नाबालिग का पीछा किया और जब वह शौचालय गई, तो उसने वहां जबरदस्ती घुसकर उसका यौन उत्पीड़न किया। शिकायत मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने सिकंदराबाद रेलवे थाने में मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी। एक वरिष्ठ जीआरपी अधिकारी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है, हालांकि अभी उसे हिरासत में लिया गया है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं की गई। यह घटना उस असुरक्षा को उजागर करती है, जो सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और नाबालिगों को झेलनी पड़ती है। जब दुष्कर्म से बचने के लिए ट्रेन से कूदी महिला
इसके साथ ही एक अन्य चौंकाने वाली घटना ने भी सुर्खियां बटोरीं। 22 मार्च को सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन से मेडचल जा रही एमएमटीएस ट्रेन के महिला कोच में एक महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। अकेले सफर कर रही इस महिला ने अपनी जान बचाने के लिए चलती ट्रेन से छलांग लगा दी, जिसके चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गई। आरोपी ने महिला को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन उसकी हिम्मत और साहस ने उसे इस कोशिश में नाकाम कर दिया, हालांकि इसकी कीमत उसे अपनी सेहत से चुकानी पड़ी।
ये दोनों घटनाएं न केवल मानवता पर धब्बा हैं, बल्कि रेलवे प्रशासन और समाज के सामने एक कड़वा सच रखती हैं- कि सुरक्षा के दावों के बावजूद, महिलाएं और बच्चियां आज भी खतरे में हैं। इन मामलों ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है और सवाल उठाया है कि आखिर कब तक मासूमों को ऐसे हैवानों का शिकार बनना पड़ेगा।