सपाइयों में नजर आई उम्मीद की किरण
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, अब उन सपाइयों को उम्मीद की एक किरण नजर आई है। अब्दुल्ला आजम खान (Abdullah Azam) के रूप में, इसलिए वह खुशी का इजहार करने और दिखाने के लिए हरदोई जेल तक पहुंच गये और वहां से बड़े ही जोर व शोर से अब्दुल्ला के साथ रामपुर आये।
सपा को मजबूत करने का करेंगे काम?
अब देखना यह हैं कि अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) बिखरे हुए सपाइयों की उम्मीदों को पूरा करते हैं या फिर खामोशी इख्तियार करते हैं। वैसे उम्मीद जताई जा रही है कि रामपुर में अब्दुल्ला आजम एक बार फिर से सपा को मजबूत करने का काम करेंगे और बिखरे हुए सपाइयों को एकजुट कर मजबूती के साथ विपक्ष की भूमिका निभायेंगे। विपक्ष के नेताओं में बढ़ी बैचेनी
वहीं अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) की जमानत के बाद रामपुर में विपक्ष के नेताओं में भी बैचेने बढ़ गई हैं, क्योकि कुछ सपा से भाजपाई हुए नेता एक बार फिर से अब्दुल्ला के पास जाने का रास्ता तलाश रहे हैं। जो भाजपा के लिए बेहतर नहीं होगा। अब यह तो आने वाला समय ही बतायेगा कि अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) अपने पिता आजम खान की तरह शहर के लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठायेंगे या नहीं और बिखरे सपाइयों को एकजुट करके उनका मार्गदर्शन करेंगे या नहीं।