जानकारी के मुताबिक फिरोज पुत्र फकीर मोहम्मद सब्जीवाला ईद के मौके पर रतलाम पहुंचा था। तभी आनंद कॉलोनी में रहने वाली अपनी बहन से मिलने गया। तभी इनपुट के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करके आतंकी को बहन के घर के बाहर निकलते ही पकड़ लिया।
रतलाम पुलिस को मिली सफलता
रतलाम पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब फिरोज को एनआईए को सौंप दिया जाएगा। एनआईए को सूचना देने के बाद वह भी सक्रिय हो गई है। रतलाम एसपी अमित कुमार के मुताबिक 28 मार्च 2022 को रतलाम पुलिस ने राजस्थान के निम्बाहेड़ा कस्बे में फोर व्हीलर वाहन से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। यह जयपुर में विस्फोट करने की योजना के तहत ले जाई जा रही थी। तब पुलिस ने सैफुल्लाह, जुबैर और अल्तमश को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में विस्फोट के मास्टर माइंड इमरान और उसके सहयोगी को एनआईए ने पकड़ लिया था। लेकिन, फिरोज भागने में सफल हो गया था। पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले में अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
रतलाम में रची गई थी साजिश
दरअसल, में 13 मई 2008 को जयपुर में एक के बाद एक 8 बम धमाके हुए थे, जिनमें कई जानें चले गई थीं। इसके बाद फिर 13 मई 2022 को 12 किलो आरडीएक्स से दोबारा बम धमाके करने की साजिश इमरान के रतलाम स्थित पोल्ट्री फॉर्म पर रची गई।
मजबूत करना चाहते थे अपना संगठन
साजिश के अनुसार सूफा संगठन के बजाए बम धमाकों के बाद इमरान अल सूफा नाम के संगठन के मार्फत ई मेल करके लेता था। इसका उद्देश्य यह बताना था कि सिमी को समाप्त करने से कुछ नहीं होगा, संगठन बंद हो सकता है, विचारधारा नहीं। आतंकी जो ब्लास्ट करने वाले थे उसी के जरिए अपने संगठन सूफा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि दिलाना चाहते थे। आरडीएक्स ले जा रहे आतंकियों को जब पुलिस ने रोका तो उन्होंने पुलिस को लालच भी दिया था, लेकिन काम नहीं आया।