अलग-अलग नाम और पते के साथ छिपता रहा आरोपी
संभल जिले के थाना असमोली पुलिस ने हरियाणा के थाना सदर, जिला फतेहाबाद के गांव बीघर निवासी इनामी बदमाश दिलीप उर्फ दिनेश उर्फ हरीश को गिरफ्तार किया है। यह बदमाश शारिक साटा गिरोह के लिए वाहन चोरी करने का काम कर चुका है। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग नाम और पते के साथ रह रहा था ताकि पुलिस से बचा रह सके। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मनोटा-चौधरपुर तिराहे पर घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा।
40 मामलों में था वांछित, कई राज्यों में दर्ज हैं केस
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नाम और पहचान बदलकर लगातार अपराध करता आ रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी के खिलाफ हत्या, डकैती, लूट, दुष्कर्म और वाहन चोरी समेत 40 मुकदमे हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में दर्ज हैं। सबसे ज्यादा मामले मुरादाबाद जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
2021 से फरार था आरोपी, पुलिस कर रही थी तलाश
संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि वर्ष 2021 में असमोली पुलिस ने वाहन चोरी का एक मामला दर्ज किया था, जिसमें आरोपी वांछित था। आरोपी पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था और तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। मंगलवार को जब आरोपी किसी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था, तभी थाना प्रभारी राजीव मलिक ने टीम के साथ घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
वाहन चोरी कर नागालैंड और पश्चिम बंगाल में बेचता था
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से वाहन चोरी कर नागालैंड, पश्चिम बंगाल और सिलीगुड़ी में बेचता था। इसके अलावा, उसने 2014 तक शारिक साटा गिरोह के लिए काम करने की बात भी स्वीकार की। पुलिस ने बताया कि आरोपी एक अंतरराज्यीय गिरोह का सदस्य है।
डकैती की वारदात में किया था दुष्कर्म
एसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ 40 मामलों में से एक मामला वर्ष 2000 में मुरादाबाद के कुंदरकी थाने में दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी ने डकैती की वारदात के दौरान दुष्कर्म भी किया था, जो अब भी विचाराधीन है। इसके अलावा, आरोपी कई अन्य संगीन अपराधों में शामिल रहा है। पुलिस अब आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है। संभल पुलिस का कहना है कि पकड़ा गया आरोपी बेहद शातिर अपराधी है, जो वर्षों से पुलिस को चकमा दे रहा था। वह अलग-अलग राज्यों में अलग पहचान के साथ रहकर अपराध करता था। पुलिस अब उसके गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है।