सिमरा खुर्द कृषक सेवा सरकारी समिति के लिए दो करोड रुपए की लागत से बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत वर्ष २०१२-१३ में वेयरहाउस का निर्माण सरकार द्वारा कराया गया था। इस वेयर हाउस में बम्होरीकलां, थर बराना, कुडयाला के साथ अन्य गांव के किसानों द्वारा अनाज रखा जाता था। इसके साथ खरीफ और रबी सीजन की खरीदी केंद्र भी इसी स्थान पर बनाए जाते थे। लेकिन कुछ वर्ष पहले आंधी तूफान से इसके छप्पर टूट गए है। जहां पर खरीद केंद्रों का बनना बंद हो गया है।
बताया गया कि वेयर हाउस किसानों की सुविधाओं के लिए बनाया गया था। आंधी तूफान से टीन शेड और पाइप टूट गए थे। उस समय से आज तक उनका सुधार नहीं किया गया। अब किसानों को जतारा औ पलेरा समिति केंद्रों पर अनाज को बेचने के लिए जाना पड़ रहा है। जबकि इनका सुधार कराने का आश्वासन जिम्मेदारों द्वारा किया गया है। लेकिन मामले में आज तक कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय किसानों ने बताया कि वर्ष २०१२-१३ में वेयर हाउस निर्माण हुआ था। निर्माण के बाद वेयर हाउस में किसानों के साथ व्यापारियों का अनाज रखा रहा। बाकी जगह में समर्थन मूल्य खरीदी का अनाज स्टॉक रहा। फिर आंधी तूफान की हवाओं से जीर्णशीर्ण हो गया। उसके बाद से चालू नहीं किया गया। इसके सुधार की जिम्मेदारी सहकारिता विभाग के अधिकारियों को दी गई थी। सहकारिता विभाग के प्रशासक केके गुप्ता का कहना था कि इसकी जानकारी अभी नहीं है। मार्च के बाद बता पाउंगा।
समिति और वेयर हाउस के पास पर्याप्त मात्रा में राशि पड़ी है। इस राशि से बुंंदेलखंड पैकेज योजना से बनाया गया वेयर हाउस का सुधार किया जा सकता है, लेकिन सहकारिता विभाग के अधिकारी और जिम्मेदार सुधार के लिए आगे नहीं आ रहे है। जिसके कारण किसानों को लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।
बुंदेलखंड पैकेज योजना के वेयर हाउस का सुधार कराने के लिए लगातार दो वर्षों से प्रयास कर रहा हूं। इसके लिए पत्राचार भी किया गया। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। जिसके कारण शासन द्वारा दी गई योजना का लाभ क्षेत्र के किसानों को नहीं मिल पा रहा है।
देवकीनंदन राजपूत, प्रबंधन, सिमरा खुर्द।