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बलूचियों का UN हेडक्वार्टर पर प्रदर्शन,बलूचिस्तान की आज़ादी और पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की आवाज़ बुलंद की

Balochistan Independence: बलूचियों का आंदोलन अब अंंतरराष्ट्रीय पटल पर पहुंच गया है। बलूचिस्तान आंदोलन के समर्थकों ने जिनेवा में प्रदर्शन कर सारी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।

भारतApr 03, 2025 / 08:31 pm

M I Zahir

Baloch protest UN

Baloch protest UN

Balochistan Independence: बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) ने जिनेवा में आयोजित अपने 58वें मानवाधिकार आयोग सत्र के दौरान संयुक्त राष्ट्र ( UN) के बाहर एक शक्तिशाली विरोध प्रदर्शन (Geneva protest)किया, जिसमें बलूचिस्तान में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करने की मांग की गई। वहीं उन्होंने पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। साथ ही बीएनएम (Baloch Movement) ने पाकिस्तानी राज्य की हिंसक कार्रवाइयों, विशेष रूप से बलूच महिलाओं को निशाना बनाने, और क्षेत्र में हो रहे ज़ुल्मों को उजागर किया।

“बलूचिस्तान को आज़ाद करो” जैसे नारों के साथ विरोध जताया

प्रदर्शन में भाग लेने वाले प्रदर्शनकारियों ने “अब और गायब नहीं होंगे,” “बलूचिस्तान को आज़ाद करो,” और “पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाओ” जैसे नारों के साथ पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध जताया। ये नारे और प्रदर्शन बलूचिस्तान में हो रही हत्याओं, यौन हिंसा, और जबरन विस्थापन को रोकने के लिए अंंतरराष्ट्रीय समुदाय से तात्कालिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर देते थे।

बलूचिस्तान संकट गहराता जा रहा है

बलूचिस्तान, जो पाकिस्तान के चार प्रदेशों में से एक है, में लंबे समय से राजनीतिक असंतोष और मानवाधिकार उल्लंघन की समस्याएँ चल रही हैं। यहां के लोग अपनी स्वायत्तता और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, और पाकिस्तान सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। सरकार की ओर से बलूच नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जिनमें गुमशुदगी, अत्याचार, और उत्पीड़न के मामले शामिल हैं।

बलूच महिलाओं के साथ यौन हिंसा और सामाजिक उत्पीड़न

बलूच महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया गया क्योंकि उन्हें यौन हिंसा और सामाजिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। रिपोर्टों के मुताबिक, महिलाओं को बलात्कार, जबरन अपहरण और मौन रखने के लिए धमकियां दी जाती हैं। इसके अलावा, बलूच कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी पाकिस्तान सेना और सुरक्षा बल हिंसक कार्रवाई करते हैं। इनमें डॉ. महरंग बलूच, सैमी दीन बलूच और बेबू बलूच जैसे प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हैं, जिनकी गुमशुदगी और जबरन गिरफ्तारी पर बीएनएम ने तत्काल रिहाई की मांग की है।

विरोध प्रदर्शन और वैश्विक कार्रवाई की मांग

इस विरोध प्रदर्शन में बलूच नागरिकों ने जोर देकर कहा कि बलूचिस्तान में हो रही अत्याचारों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय नज़रअंदाज नहीं कर सकता। बीएनएम ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संस्थाओं से मांग की कि वे पाकिस्तान सरकार पर दबाव डालें ताकि बलूचिस्तान में हो रही हिंसा रोकी जा सके और पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके।

दुनिया से अपील की, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई हो

बलूच प्रदर्शनकारियों ने “चुप्पी को खत्म करो” और “न्याय दिलाओ” जैसे स्लोगन का इस्तेमाल करते हुए दुनिया से अपील की कि पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की जाए और बलूचिस्तान में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन की गंभीरता समझी जाए।

बीएनएम ने वैश्विक कार्रवाई करने की अपील की

बहरहाल बलूचिस्तान में हो रही घातक हिंसा और उत्पीड़न की गंभीरता के मद्देनजर बीएनएम ने वैश्विक कार्रवाई करने की अपील की है। संगठन ने मानवाधिकार संगठनों, संयुक्त राष्ट्र और दुनिया भर के नेताओं से कदम उठाने का आग्रह किया है, ताकि बलूचिस्तान में हो रही हिंसा रोकी जा सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके। यह प्रदर्शन बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ वैश्विक जागरूकता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

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