बांग्लादेश और भारत के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया
उधर बांग्लादेश की सरकार के मुख्य सलाहकार और अंतरिम प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस ने BIMSTEC (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के तहत हुई बैठक में बांग्लादेश और भारत के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। हालांकि यूनुस ने भारत के साथ रिश्तों में सुधार की बात की और व्यापार, सुरक्षा, और कनेक्टिविटी जैसे मामलों पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के संकेत दिए। साथ ही, उन्होंने बांग्लादेश की भूमिका और समुद्री सुरक्षा के मुद्दे पर भी चर्चा की है।
यूनुस के बयान ने चौंकाया
बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीना सीकरी ने पूर्वोत्तर को भारत का अभियान अंग बताया है और जोर देकर कहा कि मुहम्मद यूनुस को ऐसा बयान देने का कोई अधिकार नहीं है। सीकरी ने कहा, मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस का बयान बहुत चौंकाने वाला है। उन्हें ऐसा बयान देने का बिल्कुल भी अधिकार नहीं है। वे जानते हैं कि पूर्वोत्तर भारत का अभिन्न अंग है और हमने पूर्वोत्तर भारत से बंगाल की खाड़ी तक पहुंच के बारे में बांग्लादेश सरकार के साथ बहुत करीबी चर्चा की है और इस पर औपचारिक समझौते भी हो चुके हैं।
पूर्व राजदूत ने बांग्लादेश को दी खुली चेतावनी
पूर्व राजदूत ने बांग्लादेश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे पूर्वोत्तर भारत को कनेक्टिविटी अधिकार देने के प्रति रुचि नहीं रखते हैं तो वह बदले में नदी तट के अधिकार की उम्मीद नहीं कर सकते। बांग्लादेश को साफ तौर पर यह पता होना चाहिए और उन्हें इस बारे में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। उन्होंने भारत से इस बयान की निंदा करने की मांग की।
बांग्लादेश, चीन और पाकिस्तान हैं साथ
रक्षा विशेषज्ञ प्रफुल बख्शी ने यूनुस के बयान को चिंताजनक बताया कि बांग्लादेश, चीन और पाकिस्तान पूर्वोत्तर राज्यों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग सिलीगुड़ी कॉरिडोर के जरिये भारत को दबाने के तरीकों पर चर्चा करते हुए चेतावनी दी कि भारत बांग्लादेश के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई कर सकता है, जिससे उनकी समुद्री पहुंच कट जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश की आजादी के समय भारत की चूक की ओर भी ध्यान दिलाया।
बांग्लादेश, चीन और पाकिस्तान चिकन नेक
बख्शी ने कहा, हमने बांग्लादेश बनाया, लेकिन बांग्लादेश बनाते समय हमने नक्शे के संबंध में कोई लाभ नहीं लिया। बांग्लादेश, चीन और पाकिस्तान हाल ही में चिकन नेक (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) और भारत का गला घोंटने और फायदा उठाने पर बात कर रहे हैं। बांग्लादेश कह रहा है कि चीन को मदद करनी चाहिए और सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर निर्भर सात लैंड लॉक्ड भारतीय राज्यों में प्रवेश करना चाहिए।
भारत बांग्लादेश का गला कैसे घोंट सकता है ?
बख्शी ने कहा, यूनुस पूर्वोत्तर के सात राज्यों में समस्या पैदा करने के लिए चीन को शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें एहसास नहीं है कि हम बांग्लादेश की विपरीत दिशा में भी ऐसा ही कर सकते हैं। हम समुद्र को काट कर उनका गला घोंट सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत सरकार को सारे हालात पता हैं और उसने कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, ‘भारत सरकार मीडिया के पास जा कर इस बारे में शोर नहीं मचाएगी और सरकार पहले से ही कार्रवाई कर रही है। यूनुस को भी पता है कि भारत क्या करने जा रहा है।’ हालांकि, उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया।