डेंगू की पुष्टि के लिए एक लाख नूमनों की जांचएक जनवरी से 29 दिसंबर 2024 तक डेंगू की जांच के लिए करीब एक लाख सीरम सेंपल लेकर जांचे गए। इनमें से दिसंबर माह में तीन हजार से अधिक नमूने लिए। इस अवधि में चार लाख से अधिक क्लोरीन टेस्ट भी किए गए, जिसमें से 5764 टेस्ट में क्लोरीन की मात्रा निल पाई गई।
जलजनित बीमारी को देख 63 हजार सेंपलों की जांच
जल जनित बीमारी के मामले बढ़ते देख 2024 में एक जनवरी से 29 दिसंबर तक पानी की जांच के लिए 63 हजार से अधिक नमूने लेकर जांच को भेजे गए। इनमें से 1272 के परिणाम अनफिट घोषित किए गए। पिछले वर्ष पानी के 43 हजार नमूने लिए गए थे। इस वर्ष के दिसंबर माह में क्लोरीन के 50 हजार टेस्ट किए गए, इनमें से 163 में क्लोरीन की मात्रा नहीं मिली। 29 दिनों में पानी के 1242 मामलों में से 30 के परिणाम अनफिट घोषित किए।
जलजनित व मच्छरजनित के 996 मरीज
स्वास्थ विभाग के अनुसार दिसंबर माह के 29 दिनों में शहर के विविध भागों में जलजनित और मच्छरजनित रोगों के सामने आए 996 मरीजों में सेसबसे अधिक 351 मरीज पीलिया के हैं। उल्टीदस्त के 233, टाइफाइड के 266 व हैजा के दो मरीज हैं। जबकि डेंगू के 57, मलेरिया के 60, फाल्सीफेरम के 19 और चिकुनगुनिया के आठ मरीजों की पुष्टि हुई।2024 में शहर में रहा उल्टी-दस्त, टाइफाइड का प्रकोप वर्ष 2024 में जनवरी से लेकर 29 दिसंबर तक सबसे ज्यादा प्रकोर उल्टी-दस्त और टाइफफाइड का रहा। इस अवधि में उल्टी दस्त के 9957 मरीज और टाइफाइड के 5326 मरीज रेकॉर्ड किए गए। पीलिया के भी 3346 मरीज मिले। इस अवधि में हैजा के 201 मरीज पाए गए। मच्छर जनित रोगों में इस वर्ष सबसे अधिक 2234 मरीज डेंगू के दर्ज हुए, जबकि चिकुनगुनिया के 233 और मलेरिया के 939 मरीज मिले।