रात्रि प्रतिबंध जारी, हटाने के बारे में कोई निर्णय नहीं
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में लंबित राज्य के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मिले खंड्रे ने नई दिल्ली में मीडिया से कहा, प्रतिबंध हटाने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि, हितधारकों के विचार जानने के लिए मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या की अध्यक्षता में एक बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने कहा, कर्नाटक की सीमा केरल सहित कई राज्यों से लगती है। प्रत्येक सीमावर्ती राज्य के साथ कुछ मुद्दे हैं। इन मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, फिलहाल रात्रि प्रतिबंध जारी है और इसे हटाने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
प्रियंका गांधी ने लिखा है सिद्धरामय्या को पत्र
कर्नाटक सरकार ने एनएच 766 पर रात्रि यातायात प्रतिबंध लागू किया है, जो कर्नाटक के चामराजनगर जिले के बंडीपुर से होकर केरल के वायनाड को जोड़ता है। हालांकि, केरल इसे हटाने की मांग कर रहा है। यहां तक कि वायनाड से कांग्रेस की लोकसभा सदस्य और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी प्रतिबंध हटाने की संभावना तलाशने के लिए मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को पत्र लिखा है।
कलसा-बंडूरी परियोजना को जल्द हरी झंडी देने का अनुरोध
खंड्रे ने कहा कि उन्होंने यादव से बेलगावी जिले में कलसा-बंडूरी परियोजना को जल्द से जल्द हरी झंडी देने का भी अनुरोध किया है। मंत्री ने कहा कि राज्य में 200 जंगली हाथी जंगल के बाहर घूम रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर हासन और कोड़गु जिलों में हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने चिकमगलूर जिले में 4,000 हेक्टेयर वन भूमि पर एक सुरक्षित केंद्र स्थापित करने का फैसला किया है, जहां इन जंगली हाथियों को पकड़कर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य ने केंद्र सरकार से सुरक्षित रिहाई केंद्र स्थापित करने के लिए धन मंजूर करने का भी अनुरोध किया है।