आरोपी की शिक्षा और अपराध में भूमिका
– मुस्तफा मुशारफ हुसैन, डी.फार्मा, सोनाखुली कूच बिहार पश्चिम बंगाल। खुद के नाम पर खाते खुलवाकर आरोपियों को बेचता था। – निहार आलम, 12 वीं, टकागच कूच बिहार पश्चिम बंगाल,ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने के साथ ही खातों में पैसा आने पर दूसरे खातों में ट्रांसफर करता था। – आशीफुल हक, बीएड, कुर्सामारी कूच बिहार पश्चिम बंगाल, ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। – तामस गणेश शेडमाके, 12वीं, चिचोली गड़चिरोली महाराष्ट्र। ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराता था।
– पिन्टू सुरेश सिंह बैस, 10वीं, महाजन ले-आउट हुडकेश्वर नागपुर महाराष्ट्र। ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराता है।
आरोपी ऐसे करते थे वारदात
आरोपी लोगों को फर्जी शेयर ट्रेडिंग एसीवीवीएल ऑनलाइन नामक एप्लीकेशन की लिंक भेजते थे। उसे डाउनलोड करने के बाद यूजर आईडी पासवर्ड बनवाते थे। कम समय में अधिक मुनाफा का लालच देकर शेयर ट्रेडिंग के बहाने फर्जी खातों में पैसा जमा करवाते और एप में अधिक मुनाफा दिखाते थे। पीड़ित पैसे निकालने को कहता तो आरोपी टैक्स के नाम पर और पैसों की मांग करते थे। एप पर अधिक पैसा जमा होने पर विड्रोल बंद कर देते थे।
पीड़ित से ऐसे की ठगी
आनंद सिंह (परिवर्तित नाम) भोपाल ने 28 जुलाई 24 को क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी कि अप्रेल के अंत में एक अज्ञात व्यक्ति ने वाट्सएप ग्रुप सी- 57 एक्सेल स्टूडेंट में जोड़ लिया। ग्रुप में शेयर मार्केट में इन्वेस्ट के नाम पर वाट्सएप नंबर 9981936617, 9607729028, 9134118634 और 9339392689 से केसी आयलवार्ड नामक महिला ने बताया कि हमारी कंपनी एक्सेल में इन्वेस्ट करने पर कम समय में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। महिला ने शेयर मार्केट में इन्वेस्ट के लिए एसीवीवीएल ऑनलाइन एप्लीकेशन लिंक भेजी। डाउनलोड करने के बाद उपयोग करने के लिए यूजर नेम और पासवर्ड दिया और पैसे जमा करने के लिए वाटसएप पर अकाउंट नंबर भेजा। बैंक खाते में पैसा जमा करने के बाद जमा की रसीद वाटसएप ग्रुप एक्सेल अकाउंट ग्रुप 580 पर भेजते थे। उन्होंने शिकायत में बताया कि 21 मई 2024 से 5 जुलाई 2024 तक 1 करोड़ 22 लाख 50 हजार रुपए जमा करा लिए।
पीड़ित ने वॉलेट से अपना मुनाफा निकालना चाहा तो आरोपियों ने मुनाफा का 20 प्रतिशत जमा करने को कहा। जब उन्हें पैसा नहीं मिला तो ठगी का अहसास। सायबर क्राइम ने जांच के बाद अपराध में शामिल फर्जी बैंक खाते बेचने वाले आरोपी मुस्तफा मुशारफ हुसैन, निहार आलम, और आशीफुल हक को कूच बिहार और तामस गणेश शेडमाके और पिन्टू सुरेश सिंह बैस को नागपुर महाराष्ट्र से गिरतार किया।