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महाविद्यालय को भेजी परीक्षा की राशि, ढाई वर्ष से बैंक में अटकी

नैनवां के बीएजेएम राजकीय महाविद्यालय में कोटा विश्वविद्यालय की वर्ष 2022 व वर्ष 2023 में आयोजित परीक्षा में परीक्षा लेने के लिए लगाए वीक्षकों को तीन वर्ष बाद भी मानदेय का भुगतान नहीं मिला है।

बूंदीApr 03, 2025 / 06:44 pm

पंकज जोशी

महाविद्यालय को भेजी परीक्षा की राशि, ढाई वर्ष से बैंक में अटकी

नैनवां। मानदेय का भुगतान कराने की मांग को लेकर उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देते वीक्षक

नैनवां. नैनवां के बीएजेएम राजकीय महाविद्यालय में कोटा विश्वविद्यालय की वर्ष 2022 व वर्ष 2023 में आयोजित परीक्षा में परीक्षा लेने के लिए लगाए वीक्षकों को तीन वर्ष बाद भी मानदेय का भुगतान नहीं मिला है। विश्वविद्यालय द्वारा दोनों वर्षो में हुई परीक्षाओं के खर्च मद की लगभग 9 लाख रुपए की राशि महाविद्यालय को भेज दी। यह राशि महाविद्यालय के सरकारी हो जाने से नोडल प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय के खाते में डालने की बजाए महाविद्यालय के स्ववित्तपोषी रहने के समय के प्राचार्य के बैंक खाते में डाल दी। राशि बैंक में अटकी होने के साथ उस समय परीक्षा में लगाए वीक्षकों का रिकार्ड भी कार्यालय से गायब है, जिससे वीक्षकों का भुगतान को लेकर महाविद्यालय प्रशासन के सामने पेचीदा स्थिति बनी हुई है।
नैनवां का बीएजेएम स्ववित्त महाविद्यालय वर्ष 2020-21 में पूर्णतया सरकारी हो गया था व सभी प्रशासनिक व शैक्षणिक व्यवस्था राजकीय महाविद्यालय नोडल प्राचार्य के अधीन हो गई थी। वर्ष 2022 व 2023 में हुई विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के लिए नोडल प्राचार्य ही केंद्राधीक्षक थे।
कोटा विश्वविद्यालय द्वारा दोनों वर्षो में हुई परीक्षाओं की खर्च मद की राशि के रूप में 12 सितबर 2023 को 4 लाख 37 हजार 274 रुपए व 20 सितबर 2023 को 4 लाख 65 हजार 601 रुपए की राशि महाविद्यालय को भेज तो दी, लेकिन यह राशि राजकीय महाविद्यालय नोडल प्राचार्य के खाते में भेजने की बजाए महाविद्यालय के स्ववित्तपोषी रहने के समय के प्राचार्य बीएजेएम महाविद्यालय के खाते में डाल दी। मामला सामने आने के बाद महाविद्यालय ने उच्च शिक्षा आयुक्तालय को लिखकर मार्गदर्शन मांगा है।
वीक्षकों ने भुगतान मांगा
वीक्षकों ने बुधवार को उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देकर मानदेय का भुगतान करवाने की मांग की है। ज्ञापन में लिखा कि बीएजेएम महाविद्यालय में कोटा विश्वविद्यालय की परीक्षा लेने के लिए 30 बाह्य वीक्षक लगाए थे। वीक्षकों ने वर्ष 2022 व वर्ष 2023 में वीक्षक का कार्य किया था। विश्वविद्यालय ने दोनों सत्रों का परीक्षा खर्चे का भुगतान महाविद्यालय के खाते में डाल दिया। महाविद्यालय द्वारा मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा। ज्ञापन देने में वालों में रमेशकुमार मीणा, मनोजकुमार वर्मा, तारिक अनवर, मुजीब रहमान, दीपेश गौतम, रुकमणी शर्मा, योगिता महावर, अवधेश चौधरी सहित अन्य वीक्षक शामिल थे।
राशि सुरक्षित है
बीएजेएम राजकीय महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य सोभागमल मीणा ने बताया कि कोटा यूनिवर्सिटी से राशि के मामले में जानकारी ली तो बताया गया कि राशि भेजी जा चुकी है। जांच की तो राशि महाविद्यालय के स्ववित्तपोषी रहने के समय से खुले हुए प्राचार्य बीएजेएम स्ववित्तपोषी महाविद्यालय वाले खाते में जमा मिली। राशि खाते में सुरक्षित है। महाविद्यालय के सरकारी हो जाने से उस समय के प्राचार्य को पद मुक्त किया जा चुका है। ऐसे में राशि को कौन निकलवाए, जिससे स्थिति पेचीदा हो गई। वर्ष 2022 व 23 में हुई परीक्षाओं में लगाए वीक्षकों का रिकार्ड भी गायब है। मामले की रिपोर्ट आयुक्तालय को भेजकर मार्गदर्शन मांगा है।

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