लंबे समय से चल रही थी परियोजना
खजुराहो से पन्ना होते हुए सतना को रेल लाइन से जोडऩे का प्रयास लंबे समय से चल रहा था। इस परियोजना में सबसे बड़ी अड़चन वन विभाग की जमीन के हस्तांतरण को लेकर थी। पहले पन्ना जिले में रेलवे को भूमि हस्तांतरण में बहुत समय लग गया था, लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पन्ना जिले में रेलवे के लिए 309 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार के माध्यम से रेलवे को हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे इस परियोजना की गति को एक नया मोड़ मिला है।
दो चरणों में कर रहे निर्माण
पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में खजुराहो से सूरजपुर तक 16 किलोमीटर के समतल क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू किया गया है। इस क्षेत्र में क्वार्टर बिल्डिंग और मिट्टी के काम के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब लेवलिंग का काम चल रहा है। इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा केन नदी पर बनने वाला बड़ा पुल है, जो सूरजपुरा के पास स्थित होगा। इस पुल का निर्माण कार्य दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में खजुराहो से सूरजपुरा तक रेलवे लाइन का निर्माण होगा, जबकि दूसरे चरण में बालूपुर और अजयगढ़ के 5 किलोमीटर पहले तक रेल लाइन बिछाई जाएगी। पुल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी चल रही है।
72 किलोमीटर में 47 पुल-पुलियों का निर्माण होगा
खजुराहो से पन्ना तक के 72 किलोमीटर रेलखंड में कुल 47 पुल और पुलियों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें 40 छोटे और 7 बड़े पुल शामिल हैं। खासतौर पर केन नदी पर एक बड़ा पुल बनाए जाने की योजना है, जिसके लिए टेंडर जारी नहीं किया गया है, लेकिन निर्माण प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा, इस रेलखंड पर 6 नए रेलवे स्टेशन बनेंगे, जिनमें से दो स्टेशन सूरजपुरा और बरखेड़ा छतरपुर जिले में होंगे, जबकि पन्ना जिले में सबदुआ, बालूपुर, अजयगढ़ और सिंहपुर स्टेशन होंगे।क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम
खजुराहो से पन्ना तक के रेलवे लाइन का निर्माण ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन परियोजना के अंतर्गत किया जा रहा है, जो इस क्षेत्र के विकास को एक नई दिशा देगा। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और अब निर्माण कार्य में गति आएगी। केन नदी पर बनने वाले पुल के निर्माण के लिए भी टेंडर प्रक्रिया जारी है, जो इस परियोजना के मुख्य अंशों में से एक है।
इनका कहना है
परियोजना पर काम जारी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र के विकास में तेजी आएगी और यात्रा की सुविधा बढ़ेगी। इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने से न केवल खजुराहो, पन्ना और सतना के बीच बेहतर रेल संपर्क स्थापित होगा, बल्कि इस पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी वृद्धि होगी।
महेंद्र आर्य, सेक्शन इंजीनियर, पश्चिम मध्य रेलवे