नीतीश ने जियोहॉटस्टार के शो ‘जेन बोल्ड’ पर कहा, “मैंने कभी अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों को सेट नहीं किया। मैं भारत के लिए खेल चुका हूं। अब आईपीएल में खेल रहा हूं, तो एकमात्र अधूरा काम ट्रॉफी जीतना है। हमने कुछ ऐतिहासिक रिकॉर्ड के साथ इतिहास रचा है, लेकिन आईपीएल खिताब जीतना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य है।”
नीतीश ने आईपीएल में मौका मिलने के बाद से क्रिकेट करियर में काफी तरक्की की है। वह भारत के लिए टी20 और टेस्ट प्रारूप में भी डेब्यू कर चुके हैं। उन्होंने कहा, “मैंने भारत और आईपीएल के लिए खेलते हुए जो भी अब तक प्रदर्शन किया है, उससे मैं काफी खुश हूं। मैं ऐसा प्रदर्शन जारी रखना चाहता हूं। लोगों ने अब मुझे पहचानना शुरू कर दिया है और मेरी प्रदर्शन की तारीफ भी की जाती है। यह एक बड़ा बदलाव है जो पहले की तुलना में मैंने महसूस किया है।”
नीतीश हालांकि सफलता को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मैं आगे बढ़ते हुए, इसी तरह के जुनून और निरंतरता के साथ खेलना चाहता हूं, चाहे यह मेरी फ्रेंचाइजी के लिए खेलना हो या देश के लिए। मैं पूरा ध्यान क्रिकेट के खेल के प्रति अपने प्यार को ऐसे ही बरकरार रखने पर है।”
21 साल के खिलाड़ी ने पैट कमिंस की कप्तानी की खूब तारीफ की और उन्हें शांत स्वभाव का कप्तान बताया। उन्होंने कहा, “वह बहुत ही शांत और स्थिर लीडर हैं। जिस तरह से वह दबाव को संभालते हैं, वह कमाल का है। जब आप अपने कप्तान को इतनी आसानी से सब कुछ मैनेज करते हुए देखते हैं, तो पूरी टीम में आत्मविश्वास आ जाता है। एक कप्तान के तौर पर वह शानदार हैं, और मुझे उनके नेतृत्व में खेलने में बहुत मजा आता है।”
सनराइजर्स हैदराबाद की तूफानी बल्लेबाजी के बारे में उन्होंने कहा, “मैं अपनी टीम को बहुत ऊंचा दर्जा दूंगा। पिछला साल हमारे लिए अविश्वसनीय रहा, और हम उस सफलता को दोहराना चाहते हैं। हमारी रणनीति सीधी है – बिना किसी दबाव के खेलना, पावरप्ले में ज्यादा से ज्यादा रन बनाना और उस लय को बाद के ओवरों तक बनाए रखना। चाहे टॉप ऑर्डर हो या मिडिल ऑर्डर, हर किसी को अपनी भूमिका निभानी है। हमें एक और शानदार सीजन की उम्मीद है।” वहीं, रेड्डी ने कगिसो रबाडा को आईपीएल में सबसे मुश्किल गेंदबाज बताया और कहा कि उनका सामना करना एक कठिन चुनौती थी।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अब मैं गेंदबाजों को बेहतर ढंग से समझने लगा हूं। जैसे वे मेरे खेल के बारे में जानकारी करते हैं, वैसे ही मैं भी उनका विश्लेषण करता हूं। मेरा तरीका वही रहेगा, लेकिन मैं जरूरत के अनुसार स्थितियों के अनुकूल ढल जाऊंगा। मुझे कगिसो रबाडा का सामना करना विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण लगता है। जब हमने पंजाब किंग्स के खिलाफ खेला, तो वह उस विकेट पर बहुत प्रभावी थे, और वहां उनका सामना करना मेरे लिए एक कठिन चुनौती थी।”