Dausa News: दौसा। राजस्थान के दौसा जिले में अजीब वाकया सामने आया है। यहां के सरकारी अस्पताल में एक महिला के बच्चा होने के बाद ननद खुशी से भागते हुए लेबर रूम से बाहर आई। उसने परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि लड़का हुआ है। लेकिन, जैसे ही परिजन अंदर पहुंचे तो खलबली मच गई।
दरअसल, जिला हॉस्पिटल की मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई में बुधवार सुबह एक प्रसूता के परिजनों ने बच्चा बदलने का आरोप लगाया। सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस और अस्पताल प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। करीब 3 घंटे तक समझाइश के बाद परिजन सहमत हुए।
डिलीवरी रूम में बच्चा बदलने का आरोप
अस्पताल प्रशासन के अनुसार अयोध्या नगर निवासी प्रसूता रीना देवी के सुबह 10 बजकर 6 मिनट पर डिलीवरी हुई और लडक़े को जन्म दिया। वहीं, डोलिका राजवास निवासी प्रियंका पांचाल के 10 बजकर 8 मिनट पर डिलीवरी होने पर पुत्री हुई। प्रियंका के पति विष्णु व ननद रेखा ने डिलीवरी रूम में बच्चा बदलने का आरोप लगा दिया। इससे अस्पताल प्रशासन में खलबली मच गई। डॉ. रविन्द्र शर्मा, डॉ. सीएल मीना सहित पुलिस मौके पर पहुंच गई।
अस्पताल में परिजनों को समझाते चिकित्सक
ननद ने कहा- बेटा हुआ तो कपड़े लेने बाहर भेजा
ननद का कहना था कि उसे अंदर पहले पुत्र होने की जानकारी दी। कुछ देर बाद जब स्टाफ ने कपड़े लेने बाहर भेजा तो अंदर गई पुत्री होने का पता लगा। चिकित्सकों ने समझाया कि गलतफहमी हो गई होगी, महिला के पुत्री ही हुई है। परिजन हंगामा करने लगे तो कोतवाली थाना पुलिस भी पहुंची। परिजनों के नहीं मानने पर एकबारगी मामला डीएनए टेस्ट कराने तक पहुंच गया।
एएसआई सोवरन सिंह ने बताया कि करीब 3 घंटे तक चली समझाइश के दोनों पक्षों में सहमति बन गई और मामला शांत हो गया। वहीं पीएमओ डॉ. आरके मीना ने स्टाफ को गलतफहमी से हुए वाकये से सबक लेकर भविष्य में और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।