बेटे लक्ष्मण की पत्नी आई और उसने बताया कि वह देवल हाजा के घर गई थी तो, घर के अंदर से धुला की बेटियों के रोने की आवाज आ रही थी। जिस पर मौके पर पहुंच दरवाजा खोला तो, अंदर कमरों में धुंआ फैला हुआ था। पौत्र पीयूष खाट पर पड़ा हुआ था और उसके मुंह से झाक निकल रहे थे।
काफी देर तक उसे हिलाया तो वह उठा नहीं। उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद बाहर आकर देखा तो बेटा हाजा पेड़ पर फंदे से लटका हुआ। जिसके बाद दोनों को जिला चिकित्सालय ले गए। यहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित किया।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला मुर्दाघर लेकर पहुंची। यहां पर पुलिस ने मृतक हाजा के पिता की रिपोर्ट पर दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द किया।
पिता ने की हत्या
गौतम ने रिपोर्ट में आशंका जताई है कि उसके बेटे हाजा की कुछ समय से मानसिक स्थिति खराब चल रही थी। इस पर हाजा ने अपने बेटे पीयूष का गला घोंट कर या फिर विषाक्त देकर हत्या कर दी और उसके बाद खुद फंदे से लटक गया।