ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
- संविलियन व नियमितीकरण: रिक्त पदों पर संविलियन कर स्थायी किया जाए।
- सेवानिवृत्ति की आयु:65 से घटाकर 62 करने का निर्णय वापस लिया जाए।
- वेतन विसंगति: सरकार की ओर से गलत तरीके से निर्धारित समकक्ष वेतन में संशोधन किया जाए।
- भत्तों व सुविधाओं की बहाली: एनपीएस, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा और डीए जैसी सुविधाएं दी जाएं।
- अप्रेजल की समाप्ति:कर्मचारियों के अनुसार, अप्रेजल व्यवस्था मनमानी है और इसे खत्म किया जाना चाहिए।
23 मार्च को हुई थी महाबैठक
23 मार्च 2025 को भोपाल स्थित ठेंगड़ी भवन में कर्मचारियों की महाबैठक हुई, जिसमें प्रदेश कार्यकारिणी और सभी जिलाध्यक्षों ने सर्वसम्मति से आंदोलन का निर्णय लिया। अब सवाल उठता है कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाएगी। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो 21 अप्रैल से प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो सकती हैं।