ये है पूरा मामला
दरअसल, केंद्रीय विद्यालय संगठन भिंड में एक महिला शिक्षक ने प्राचार्य पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। हैरानी की बात ये है कि इसकी शिकायत कलेक्टर, पुलिस और केंद्रीय विद्यालय संगठन भोपाल को भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हताष महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन हाई कोर्ट ने शिक्षक का अभ्यावेदन निराकरण करने का आदेश दिया। महिला शिक्षक ने युगल पीठ में रिट अपील दायर की।
शिकायत की तो किसी ने नहीं की कार्रवाई
शिक्षक की ओर से अधिवक्ता डीपी सिंह ने तर्क दिया कि प्राचार्य दबाव बनाते हुए कहते हैं कि किराए के मकान में अकेली रहती हो, मेरे साथ आकर क्यों नहीं रहती। यौन उत्पीड़न की हर जगह शिकायत की, लेकिन किसी ने कार्रवाई नहीं की। कोर्ट ने शिक्षक का पक्ष सुनने के बाद विशाखा कमेटी को शिकायत पर सुनवाई करने का आदेश दिया है। याचिका में स्कूल के प्राचार्य अजय कुमार सक्सेना को भी प्रतिवादी बनाया, लेकिन उनकी ओर से याचिका में पक्ष रखने के लिए कोई उपस्थित नहीं हुआ।
तुम्हें संस्कृत पढ़ाने की क्या जरूरत है, यह बोगस विषय है
पीड़िता ने उपायुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन को भेजी शिकायत में पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि प्राचार्य उसे एकांत में बुलाते हैं। कहते हैं तुम्हें संस्कृत पढ़ाने की क्या जरूरत। यह बोगस विषय है। तुम्हारे को मैं ऑफिस के अरजेंमेंट में तैनात कर दूंगा। तुम मेरे कक्ष में बैठा करो। प्राचार्य ने कहा कि में स्कूल में रहता हूं। तुम भी यहां आकर रहा करो। इस विद्यालय का मालिक व बोस मैं हूं। कक्ष में बुलाकर अश्लील हरकत करते हैं। विरोध किया तो एकांत में मुझे धमकाया। तुम्हारे खिलाफ एफआइआर दर्ज करा दूंगा। तुम्हारी नौकरी का क्या होगा। महिला बाल विकास अधिकारी को भी शिकायत कर चुकी ह23 फरवरी 2024 को भिंड थाना देहात में भी शिकायत की। पुलिस को भी पूरी कहानी बताई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।