भाजपा : राह होगी आसान, कांग्रेस: करनी होगी मशक्कत
शहरी सरकार में भाजपा का दबदबा रहा है। ऐसे में एक निगम होने के बाद बोर्ड बनाने के लिए कांग्रेस को मशक्कत करनी होगी। क्योंकि, जो 10 विधानसभा क्षेत्र निगम सीमा क्षेत्र में आते हैं, उनमें से कांग्रेस के खाते में तीन हैं और इन विधानसभा क्षेत्रों में महज 28 वार्ड ही नए परिसीमन में होने का अनुमान है।कहां कितने वार्ड
विधानसभा क्षेत्र – प्रस्तावित वार्ड – अभी वार्डविद्याधर नगर – 22 – 42
सांगानेर – 21 – 39
मालवीय नगर – 15 – 26
बगरू – 14 – 21
झोटवाड़ा – 16 – 22
सिविल लाइंस – 16 – 24
किशनपोल – 12 – 21
हवामहल – 15 – 26
आमेर – 03 – 04
आदर्श नगर – 16 – 25
(विस-विधानसभा)
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32 लाख की आबादी बनी आधार
1- 3200383 प्रस्तावित जनसंख्या को आधार मानकर किया गया है वार्डों का पुनर्सीमांकन।2- 17 हजार से लेकर 24 हजार तक की आबादी होगी एक वार्ड की।
3- 1994 में पहली बार बना था निगम, उसके बाद से वार्ड बढ़े, इस बार सीमा विस्तार हो रहा।