आरोप है कि युवक ने चिड़ावा के सीआई से लेकर एसपी तक को कॉल किया। चौंकाने वाली बात ये है कि पुलिस कंट्रोल रूम भी युवक के झांसे में आ गया। ऐसे में पुलिस महकमे में खलबली मच गई। हालांकि, पुलिस ने शातिर की चालाकी का पर्दाफाश करते हुए उसे दबोच लिया।
पुलिस कंट्रोल रूम से भी आया फोन
सीआई आशाराम गुर्जर ने बताया कि बुधवार रात को एक जने ने उन्हें बार-बार फोन करके अनर्गल बातें की। इसके बाद कंट्रोल रूम से भी उनके पास फोन आया कि उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के यहां से आपके पास फोन आ रहा है, आप फोन नहीं उठा रहे हो।
एक ही दिन में 12 से अधिक बार किया फोन
बाद में फिर से उस व्यक्ति का फोन आया और उसने निलंबित कराने और लाइन हाजिर करने की धमकी दी। कभी कहा मैं मुख्यमंत्री का बेटा बोल रहा हूं, कभी कहा मैं उनका भतीजा बोल रहा हूं। आरोपी ने एक ही दिन में उन्हें 12 से अधिक बार फोन किया। इस पर जांच की गई और आरोपी को रात को ही शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान विशाल सारस्वत निवासी पुरानी बस्ती चिड़ावा के रूप में हुई है। उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया।
पुलिस पहुंची तो खुली आरोपी की पोल
पुलिस जब आरोपी के घर पहुंची तो वह शराब के नशे में था। उसने पुलिस से घर आने का कारण पूछा और कहा कि वह डिप्टी सीएम के बेटे आशु सिंह का दोस्त है। हालांकि, पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर थाने ले आई और उसका मोबाइल जब्त किया। एसपी को भी किया था कॉल
आरोपी के मोबाइल की जांच करने पर सामने आया कि उसने एसपी को भी कॉल किया था। हालांकि एसपी ने युवक को कॉल रिसीव नहीं किया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है।