Rajasthan News: राजस्थान के इस मेले में मधुमक्खियों का आतंक, 52 से ज्यादा लोगों को मारा डंक, मच गई अफरा-तफरी
मेला परिसर में मधुमक्खियों के हमले से चिकित्सा विभाग की टीम सतर्क हो गई। चिकित्सकों व नर्सिंगकर्मियों की टीम ने चिकित्सालय में लगभग 52 लोगों को इंजेक्शन लगाकर दवाइयां दी और अधिक जख्मी हुए लोगों को एंबुलेंस से ट्रोमा सेन्टर भेजा गया।
राजस्थान के जोधपुर के बिलाड़ा क्षेत्र में शनिवार से शुरू हुए बाणगंगा मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इस हमले में करीब 52 से अधिक लोग घायल हो गए। अचानक हमले से लोगों में एकबारगी अफरातफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों के लिए इधर-उधर भागने लगे।
मेला परिसर में अस्थाई चिकित्सालय में घायलों की भीड़ पहुंचने पर उपचार शुरू किया और अधिकांश घायलों को वाहनों की मदद से तुरंत बिलाड़ा के ट्रोमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों व स्टाफ ने उपचार शुरू किया।
पत्रिका ने मधुमक्खियों को लेकर किया था सतर्क
मेले परिसर में एकाएक मधुमक्खियों के हमले से चिकित्सा विभाग की टीम सतर्क हो गई। चिकित्सकों व नर्सिंगकर्मियों की टीम ने चिकित्सालय में लगभग 52 लोगों को इंजेक्शन लगाकर दवाइयां दी और अधिक जख्मी हुए लोगों को एंबुलेंस से ट्रोमा सेन्टर भेजा गया।
ट्रोमा सेंटर में मोहनराम 42 साल, युवराज 18 साल, लुणाराम 35 साल, पन्ना लाल 44 साल, चैनाराम 58 साल, देवस 17 साल, मिश्रीलाल 70 साल, बलवीर 38 साल, मलाराम 70 साल, प्रकाश 62 साल, पप्पू राम 51 साल, राणाराम 49 साल, डिंपल 9 साल, मांगीलाल 32 साल, संगीता 20 साल, अमराराम 33 साल, भोलाराम 52 साल, विक्रम सिंह 50 साल, मोहनलाल 56 साल, खुशवंत 18 साल, यशवंत 17 साल, पूजा 26 साल, दिलीप 18 साल, प्रेम 36 साल, बाबूलाल 55 साल, राधा किशन 50 साल, उगमाराम 65 साल, पुरखाराम 57 साल, नैनाराम 60 साल, मोहनराम 42 साल, बद्री दास 42 साल, पूजा 20 साल, ओगड़राम 45 साल, पारस राम 24 साल, प्रमोद 24 साल और श्यामलाल 34 साल सहित अनेक घायल भर्ती किए गए।
अल सुबह से ही उमड़े श्रद्धालु
शनि अमावस्या होने से पवित्र बाणगंगा स्थल पर शनिवार अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का हुजूम पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। बाणगंगा के घाट पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई और अपने पूर्वजों के नाम का तर्पण कर गंगामाई मंदिर सहित नौ सतियों, शिव मंदिर में शीश नवाया। बाणगंगा के घाटों को नलकूप के जरिए पानी से भरवाया गया, जहां लोगों ने स्नान किया। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए चौकी प्रभारी एवं जवान तैनात पर रहे। मधुमक्खियों के शांत होने के बाद मेला फिर से शुरू हुआ।
गेर दल की परिक्रमा को किया स्थगित
बाणगंगा मेला में मधुमक्खियों के हमले से मची अफरातफरी के कारण गेर दल की परिक्रमा को स्थगित कर उन्हें अस्थाई नगरपालिका कार्यालय में बिठाया गया। बाद में नगरपालिका प्रशासन की ओर से गेर दल बिलाड़ा को 15 हजार व खारिया मीठापुर को 11 हजार रुपए का पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। नगरपालिका स्वास्थ्य निरीक्षक संजय सोलंकी, राजस्व अधिकारी लक्ष्मण राम, नगरपालिका अध्यक्ष रूप सिंह परिहार सहित पार्षद मौजूद रहे।