अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) निशांत भारद्वाज ने बताया कि प्रकरण में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस उपायुक्त पश्चिम राजर्षि राज वर्मा के निर्देशन में वृत्त के आसूचना अधिकारी, जिला विशेष टीम व थाने के जवानों की विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी पहलू व आसूचना से मिले सुराग के आधार पर सहायक पुलिस आयुक्त (प्रतापनगर) रविन्द्र बोथरा के निर्देशन में थानाधिकारी हरीशचन्द्र सोलंकी व एसआइ कैलाश पंचारिया के नेतृत्व में पुलिस ने मथानिया थानान्तर्गतबिंजवाडि़या गांव में दबिश दी, जहां से इन्द्रोका गांव निवासी वीरेन्द्रसिंह (39) पुत्र भंवरसिंह खींची व ईश्वर सिंह (40) पुत्र मनोहर सिंह को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही से वारदात में प्रयुक्त 12 बोर बंदूक बरामद की गई है। वीरेन्द्र के भाई श्रवणसिंहपकड़ा नहीं जा सका है। पिता भंवरसिंह की भूमिका की जांच की जा रही है।
रंजिश : वर्चस्व, चोरी, जानलेवा हमला, शराब की दुकान
थानाधिकारी हरीश सोलंकी ने बताया कि एक-डेढ़ साल से दोनों पक्षों में वर्चस्व की रंजिश है। कुछ समय पहले आरोपी के ट्यूबवेल पर चोरी कर ली थी। मृतक के बेटे पर चोरी का आरोप लगा था। समाज की पंचायत में मामला शांत हुआ था। जानलेवा हमला भी किया गया था। एफआइआर भी दर्ज कराई गई थी। वीरेन्द्र व भाई श्रवण की बिंजवाडि़या में शराब की दुकान है। मृतक ने दुकान पर लगा बोर्ड हटा दिया था। इसको लेकर भी दोनों में रंजिश है।
मोबाइल में रिकॉर्डिंग में सुराग मिले
हत्या से कुछ पहले दोनों पक्षों में मोबाइल पर तकरार हुई थी। आरोपी पक्ष ने चैलेंज कर मृतक को बस स्टैण्ड बुलाया था। मोबाइल की यह रिकॉर्ड हुआ है। आरोपी का आरोप है कि मृतक व साथी सरिए व लाठी लेकर आए थे। यह देख उसने गोली चला दी थी। जिससे भेामसिंह की मौत हो गई थी।
मिस्त्री की गाड़ी लेकर भागे थे, उसे भी छोड़ा
गत 29 मार्च की रात आरोपी व मृतक भोमसिंह में मोबाइल पर तकरार हुई थी। वीरेन्द्र सिंह के बुलावे पर भोमसिंह, शैलेन्द्रसिंह व भगत सिंह गांव के बस स्टैण्ड पहुंचे थे। तभी दूसरा पक्ष भी वहां आ गया था। बोलेरो कैम्पर से भोमसिंह की कैम्पर को टक्कर मारी गई थी। फिर 12 बोर बंदूक से फायरिंग की गई थी। भोमसिंह व शैलेन्द्रसिंह के छर्रे लगे थे। दोनों को एमडीएम अस्पताल ले जाया गया था, जहां भोमसिंह की मृत्यु हो गई थी। आरोपी अपनी कैम्पर में भाग गए थे। कुछ दूरी पर गाड़ी बंद हो गई तो मिस्त्री को बुलाया गया था। वह अपनी गाड़ी लेकर वहां आया था। कैम्पर ठीक न होने पर मिस्त्री की गाड़ी लेकर आरोपी भाग गए थे। उसे भी कुछ दूरी पर छोड़ दी थी।