फिर क्या मतलब खरीद का
सरकारी स्तर से भी अभी तक सरसों की खरीद को लेकर कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए। खरीद तिथि तय होना तो दूर पंजीयन प्रक्रिया को लेकर तक कोई जानकारी किसानों को नहीं है। किसानों का कहना हैं कि जब तक सरकार खरीद शुरू करेगी तब तक आधी से ज्यादा उपज बाजारों में बिक जाएगी। इस स्थिति में समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करना सिर्फ किसानों के लिए छलावा साबित होगा।नुकसान उठा रहे किसान
किसानों की माने तो सरसों का समर्थन मूल्य साल 2025-26 के लिए 5,950 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह साल 2024-25 के मुकाबले 300 रुपए ज्यादा है। साल 2024-25 में सरसों का समर्थन मूल्य 5,650 रुपए प्रति क्विंटल था। मौजूदा समय में सरसों का बाजार भाव उच्च क्वालिटी में 52 सौ से 55 सौ रुपए प्रति क्विंटल तक चल रहा है। इस लिहाज से किसानों को पांच से सात सौ रुपए प्रति क्विंटल का नुकसान है।राजस्थान की इस मंडी में जीरे की बंपर आवक से लौटी रौनक, बढ़ते दाम से किसानों में खुशी
इनका कहना है
सरसों की समर्थन मूल्य खरीद सरकार को 15 मार्च से ही शुरू कर देनी चाहिए। अभी तक सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नहीं हुई। किसान बाजार में कम दाम पर अपनी उपज बेचने को मजबूर है।-लालचंद शर्मा, तहसील अध्यक्ष, भा.कि.संघ
-रामभरोस मेहता, किसान