कृषि पर असर, गेहूं-चना के सड़ने का खतरा
कृषि वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र रघुवंशी के अनुसार, अगर बारिश हुई तो कटकर रखी गई रबी की फसलों, विशेष रूप से गेहूं और चने के सड़ने का खतरा बढ़ जाएगा। इसके अलावा, सरसों की फसल पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। हवा और बारिश के कारण आम के उत्पादन में भी गिरावट आ सकती है।
तापमान में आई गिरावट
बुधवार को बादल छाने से मौसम सुहाना हो गया और अधिकतम तापमान में सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। बीएचयू स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, बुधवार को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आने वाले दिनों में मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल सकता है। 3 अप्रैल को प्रदेश के दोनों हिस्सों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी होगी और गर्मी का असर तेज होगा। पश्चिमी विक्षोभ के असर से 3 अप्रैल को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 3 दिनों में तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि अगले 5 दिनों में न्यूनतम तापमान में भी 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है।