धारा 130 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत दिए गए इन नोटिस में कहा गया है कि अपना जवाब दाखिल करें। आरोप लगाया गया कि, आपने शांति भंग करने की कोशिश की। यह भी कहा गया है कि आपने जो कृत्य किया उससे आपने आम जनता को उकसाने की कोशिश की इससे व्यवस्था खतरे में पढ़ सकती थी। प्रशासन ने काली पट्टी बांधकर जुमे की नमाज में आने वाले और विरोध प्रदर्शन दर्ज करने वाले सभी लोगों से जवाब मांगा है कि उन्हे दो लाख रुपये तक के मुचलकों में पाबंद क्यों ना किया जाए।
इन नोटिस के मिलने के बाद अब इन लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। मुजफ्फरनगर के ही रहने वाले मोहम्मद शब्बीर को कहा गया है कि उन्होंने व्हाट्सएप पर अपील की थी कि वह काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताएं। इस आधार पर मोहम्मद शब्बीर को भी नोटिस जारी किया गया है। मदरसा महमूदिया के प्रधानाचार्य नईम त्यागी को भी नोटिस थमाया गया है लेकिन अब वो कह रहे हैं कि ना तो उन्होंने काली पट्टी बांधी थी और ना ही किसी का समर्थन किया था इसके बावजूद उन्हें नोटिस दे दिया गया। अब प्रशासन ने ऐसे सभी मामलों में लोगों को 16 अप्रैल को अदालत के समक्ष पेश होने के लिए कहा है।