रैपिडो, उबर इंडिया और ओला ने दायर की थी याचिका
हाईकोर्ट का यह आदेश रैपिडो, उबर इंडिया और ओला की याचिकाओं पर आया। इसमें सरकार से एग्रीगेटर लाइसेंस जारी करने और बाइक टैक्सियों को ट्रांसपोर्ट सेवा के रूप में रजिस्टर करने की मांग की गई थी। 14 जुलाई 2021 में कर्नाटक सरकार ने बाइक टैक्सी सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ इन कंपनियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान, हाईकोर्ट ने अस्थायी रूप से सरकार को इन प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई करने से रोका था।
छह हफ्तों में बंद होंगी सेवाएं
न्यायमूर्ति श्याम प्रसाद ने प्लेटफ़ॉर्म को छह सप्ताह के भीतर अपना संचालन बंद करने का निर्देश दिया है। सरकार को इस निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश किया है। वहीं, प्लेटफॉर्म के अधिकारियों का कहना है कि वे इस फैसले के खिलाफ अपील करने पर विचार कर रहे हैं। परिवहन मंत्री ने किया कोर्ट के फैसले का स्वागत
परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने अदालत के फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार को ज़रूरी नियम बनाने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐप-आधारित प्लेटफ़ॉर्म के लिए नियमों की कमी ने उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं।