शुक्रवार को
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी को लिखे पत्र में आश्चर्य जताते हुए कहा कि 12 साल सत्ता में रहने वाली पार्टी की नेता को सदन में कार्य संचालन के नियमों की जानकारी नहीं है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रूल बुक की जानकारी देकर कहा “रूल बुक में स्पष्ट लिखा है कि जो सदस्य सदन की सेवा से निलंबित किया गया है, उसे सदन के परिसर में प्रवेश करने और सदन एवं समितियों की कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया जाएगा।”
पत्र में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने क्या लिखा?
शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने
आम आदमी पार्टी की विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी को लिखा “माननीया विपक्ष की नेता, नमस्कार, दिनांक 28.02.2025 को आपका लिखा पत्र प्राप्त हुआ है। जिसमें आपने विपक्षी विधायकों के निलंबन और उन्हें विधानसभा परिसर में प्रवेश न दिए जाने के संबंध में अपनी चिंता व्यक्त की है। यह अत्यंत आश्चर्यजनक है कि विपक्ष सदन में कार्य संचालन से संबंधित नियमों और विनियमों से अनभिज्ञ है। विशेष रूप से तब जब यही राजनीतिक दल पिछले 12 सालों तक सरकार में था। अतः स्थिति को स्पष्ट करने के लिए हाल की घटनाओं का एक क्रमवार विवरण प्रस्तुत कर रहा हूं।”
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पत्र में आगे लिखा “24 फरवरी, 2025 को, जब अध्यक्ष का चुनाव संपन्न हुआ, यह एक गरिमामयी प्रक्रिया होनी चाहिए थी। लेकिन दुर्भाग्यवश विपक्षी सदस्यों द्वारा नारेबाजी और व्यवधान उत्पन्न कर इस प्रक्रिया को बाधित किया गया। इस अशोभनीय आचरण के बावजूद मैंने संयम बरतते हुए किसी भी विधायक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की। ताकि हमारी नई विधानसभा अवधि की शुरुआत लोकतांत्रिक समावेशन की भावना से हो।”
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया क्यों हुई कार्रवाई?
विजेंद्र गुप्ता ने पत्र में आगे लिखा “25 फरवरी, 2025 को, जब उपराज्यपाल ने उद्घाटन भाषण दिया। विपक्षी विधायकों ने पुनः व्यवधान उत्पन्न किया। जिससे उपराज्यपाल अपने संबोधन को गरिमापूर्ण ढंग से पूरा नहीं कर सके। यह आचरण पांचवीं अनुसूची (आचार संहिता नियमावली) के स्पष्ट उल्लघन के अंतर्गत आता है। विशेष रूप से निम्नलिखित प्रावधान के तहत यदि कोई सदस्य उपराज्यपाल के सदन में उपस्थित रहते हुए उनके अभिभाषण को बाधित करता है। चाहे वह आषण, बिंदु-विशेष उठाने वाकआउट करने या किसी अन्य माध्यम से हो तो इसे उपराज्यपाल के प्रति अनादर एवं सदन की अवमानना माना जाएगा और इसे अनुशासनहीन आचरण की श्रेणी में रखकर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।” विधानसभा में एंट्री को लेकर आतिशी को दिया जवाब
विजेंद्र गुप्ता ने विधानसभा परिसर में प्रवेश के संबंध में लिखा “विधानसभा के नियमों में ‘सदन के परिसीमन की व्यापक परिभाषा दी गई है। जिसमें निम्नलिखित क्षेत्र सम्मिलित है। विधानसभा कक्ष, लॉबी, गैलरी, विधानसभा सचिवालय द्वारा उपयोग किए जा रहे कक्ष, अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के कक्ष, समिति कक्ष, विधानसभा पुस्तकालय, अध्ययन कक्ष, दलों के कक्ष, विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों के नियंत्रण में रहने वाले सभी परिसर एवं इन तक जाने वाले मार्ग, तथा ऐसे अन्य स्थान जिन्हें अध्यक्ष समय-समय पर निर्दिष्ट कर सकते हैं।”
विधानसभा अध्यक्ष ने आतिशी को बताया संसदीय नियम
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी को दिए जवाब में बताया “नियम 277, बिंदु 3(d) के अनुसार एक सदस्य जो सदन की सेवा से निलंबित होता है, उसे सदन की परिसर में प्रवेश करने और सदन तथा समितियों की कार्यवाही में भाग लेने से रोका जाता है। यह स्पष्ट है कि जब कोई सदस्य निलंबित होता है, तो उसे इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश से वंचित किया जाता है, जो कि एक स्थापित संसदीय परंपरा है।” आतिशी ने अपने पत्र में क्या लिखा था?
इससे पहले शुक्रवार को ही आम आदमी पार्टी की कालकाजी से विधायक और सदन में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को एक पत्र लिखा था। इसमें आतिशी ने लिखा, ”25 फरवरी 2025 को उपराज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए, जबकि विपक्ष के विधायकों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का सम्मान करते हुए ‘जय भीम’ के नारे लगाए। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता पक्ष के किसी भी विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन विपक्ष के 21 विधायकों को ‘जय भीम’ का नारा लगाने पर 3 दिनों के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया।”