आरटीईएफ और आरटीईटी को ₹1,684 करोड़ वसीयत के अनुसार, रतन टाटा ने अपनी ₹3,800 करोड़ की संपत्ति का बड़ा हिस्सा रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन (आरटीईएफ) और रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट (आरटीईटी) को दान कर दिया है। उनकी टाटा सन्स (165 बिलियन डॉलर के टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी) की हिस्सेदारी यानी 3368 शेयर, जिनकी कीमत ₹1,684 करोड़ आंकी गई है, इन फाउंडेशनों को क्रमशः 70 प्रतिशत और 30 प्रतिशत दी जाएगी।
पूर्व कर्मचारी दत्ता को बड़ी हिस्सेदारी उनकी सौतेली बहनों शिरीन और डियाना जेबिभॉय को ₹800 करोड़ की वित्तीय संपत्ति का एक-तिहाई हिस्सा दिया गया है, जबकि एक तिहाई पूर्व टाटा कर्मचारी मोहिनी मोहन दत्ता को सौंपा गया है, जो रतन टाटा के करीबी थे। दत्ता और वसीयत एग्जीक्यूटर्स के बीच संपत्ति के मूल्यांकन को लेकर विवाद चल रहा है। दत्ता वसीयत की व्याख्या जानने के लिए अदालत में प्रारंभिक सम्मन दाखिल कर सकते हैं।
आरएनटी एसोसिएट्स को सेशेल्स की जमीन उनके सौतेले भाई जिमी टाटा को मुंबई की जुहू स्थित पारिवारिक संपत्ति (₹16 करोड़) और गहने विरासत में मिले हैं, और उन्होंने वसीयत पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। वहीं, सेशेल्स की ₹85 लाख की जमीन सिंगापुर-रजिस्टर्ड फंड आरएनटी एसोसिएट्स को सौंपी गई है। वसीयत में कहा गया है कि आरएनटी एसोसिएट्स में आर. वेंकटरमन और पैट्रिक मैकगोल्ड्रिक के हितों की रक्षा की जानी चाहिए और जब तक वे चाहें तब तक बने रह सकते हैं।
एग्जीक्यूटर्स को 5-5 लाख वसीयत की एग्जीक्यूटर्स उनकी सौतेली बहनें, दारीयस खंबाटा और मेहली मिस्त्री हैं, जिन्हें वसीयत के एग्जीक्यूशन के लिए 5-5 लाख रुपए दिए गए हैं। रतन टाटा की 11 कारों, 65 घड़ियों और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की कुल कीमत ₹12 करोड़ आंकी गई है, जो उत्तराधिकारियों में बांटी जाएगी।