श्वानों के काटने की घटनाओं को रोकने के लिए पशु क्रूरता से संबंधित गैर राजकीय संगठनों से मिलकर के बीच का रास्ता निकालना चाहिए। स्ट्रे डॉग्स का बंध्यकरण करवाया जाना चाहिए। बीमार, जख्मी श्वानों का पता लगाकर उनका इलाज करवाना चाहिए, ताकि वह इधर-उधर बैक्टीरिया न फैलें। गौशाला की तरह ही श्वान शालाएं भी खोली जानी चाहिए और पशु चिकित्सा केंद्रों को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए। – नूरजहां रंगरेज, भीलवाड़ा
श्वानों के काटने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय निकायों द्वारा श्वानों को पकड़कर जंगलों में छोड़ा जाना चाहिए। श्वानों की नसबंदी करने के सार्थक प्रयास पशु चिकित्सा विभाग द्वारा होने चाहिए। – ललित महालकरी, इंदौर
श्वानों द्वारा काटने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। उनके लिए हर वार्ड में डॉग हाउस बनाए जाएं। दूसरा पालतू श्वानों को घरों में बांधकर रखना अनिवार्य किया जाए। – वसंत बापट, भोपाल