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CM साय ने की निगम-मंडल-बोर्ड और आयोग में अध्यक्ष पदों की नियुक्ति, देखिए किसे कौन सी मिली जिम्मेदारी? निगम-मंडलों, आयोगों और परिषदों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति में संगठन के प्रमुख पदों पर बैठे रसूखदार पदाधिकारियों को मौका मिला है। वहीं, कुछ ऐसे भी नाम हैं, जिसे लेकर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कहना है कि पुराने चेहरे जो पहले भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष रह चुके हैं, उन्हें फिर से पद से नवाजा गया है। ऐसे में नए
पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं में आने वाले दिनों में खुलकर विरोध सामने आ सकते हैं। बता दें कि पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पद लिखकर नए चेहरों को निगम-मंडल में नियुक्ति देने का आग्रह किया था, लेकिन पहली सूची में पुराने चेहरों को भी अधिक मौका दिया गया है।
निगम-मंडलों, आयोगों और परिषदों में नियुक्ति के बाद अब साय की कैबिनेट में दो नए मंत्रियों की नियुक्ति की शीघ्र होने के आसार है। क्योंकि साय सरकार में दो मंत्रियों के पद खाली है। इसकी नियुक्ति को लेकर पिछले छह माह से चर्चा जोरों पर चल रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी कई बार पत्रकारों को चर्चा के बाद शीघ्र दो नए मंत्री बनाए जाने की बात कह चुके हैं। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद भी नाराजगी सामने आ सकती है। यही वजह है कि इस मामले में बहुत सतर्कता बरती जा रही है। बता दें कि वर्तमान में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल एक भी प्रश्न नहीं लगा रहे हैं। सरकार बनाने के बाद दोनों के मंत्री बनाने की चर्चा थीं।
500 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मिलेगा मौका पहली सूची को लेकर अंदरखाने में हो रहे विरोध पर भाजपा प्रदेश कार्यालय के एक पदाधिकारी का कहना था कि अभी तो सिर्फ 36 लोगों की ही नियुक्ति हुई है। अब भी कम से कम 500 और लोगों को पद से नवाजा जाना है। इसलिए अभी से पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को नाराज होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि अभी तो सिर्फ कुछ निगम-मंडलों, आयोगों और परिषदों में ही अध्यक्ष बनाए गए हैं। इसमें तीन उपाध्यक्ष हैं। बाकी में उपाध्यक्ष, सदस्यों की नियुक्ति भी की जानी है। इसके अलावा बहुत से निगम-मंडलों, आयोगों और परिषदों में नियुक्ति बाकी है। इस तरह से आने वाले एक-दो माह में दूसरी सूची में थोक में नियुक्ति भी जारी हो सकती है।
श्रीवास ने सोशल मीडिया से पोस्ट हटाया गौरीशंकर श्रीवास ने छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड का उपाध्यक्ष पद लेने से इनकार कर दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर पद नहीं लेने की घोषणा की है। इसके बाद उन्होंने वो पोस्ट हटा दिया। पत्रिका से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, पार्टी ने बहुत बड़ा पद दिया था, जिसे मैं अपने कंधे पर नहीं उठा सकता हूं। मैं पार्टी संगठन में ही कार्यकर्ता ठीक हूं। सोशल मीडिया से पोस्ट हटाए जाने पर उन्होंने कहा, पोस्ट लेकर समाज के कुछ अपशब्द कहने लगे थे और पार्टी के बारे में अनर्गल और अपशब्द नहीं सुन सकता। इसलिए पोस्ट को हटाना पड़ा।