सीकर. राजस्थान के सीकर जिले के अजीतगढ़ कस्बे के गढ़टकनेट की डाबावाली ढाणी में पुलिस की टीम मंगलवार रात को तीन बार गई थी। टीम हर बार जाब्ता बढ़ाते हुए गई। इसके बावजूद भी ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ लाठी- भाटा जंग जारी रखी। चारों तरफ से घिरी पुलिस पर महिलाओं तक ने छतों से पत्थर बरसाए। लाठियां लेकर भी पीछे दौड़ी।
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें पुलिसकर्मी ग्रामीणों के चंगुल से छूटकर गाड़ी में बैठकर भागते दिख रहे हैं। पीछे दौड़ लगाते हुए ग्रामीण उन पर पत्थर फेंक रहे हैं। वीडियो में महिलाएं भी हाथ में लाठी लेकर पुलिस गाड़ी के पीछे दौड़ती दिख रही है।
पहले कांस्टेबलों को खदेड़ा, फिर एएसआई को बनाया बंधक
अजीतगढ़ थानाधिकारी मुकेश सेपट ने बताया कि ढाणी निवासी रामनिवास ने उसके साथ मारपीट के मुकदमे के आरोपी महिपाल द्वारा उसके घर गाली गलौच की शिकायत की तो तीन कांस्टेबल करीब साढ़े सात बजे ढाणी पहुंचे। वहां आरोपी महिपाल अपने बंद मकान के बाहर साथियों सहित खड़ा था।
पुलिस को देखते ही उन्होंने पत्थर फेंके। इससे पुलिस की गाड़ी के शीशे टूट गए। सूचना पर एएसआई नेकीराम 9 पुलिसकर्मियों सहित मौके पहुंचे तो वहां जमा हुए काफी संख्या में महिला- पुरुषों ने उन पर भी लाठियों व पत्थरों से हमला कर दिया। एएसआई नेकीराम को बंधक बना लिया।
इसकी जानकारी पर वे अजीतगढ़, खंडेला, रींगस, श्रीमाधोपुर, थोई, नीमकाथाना सदर व कोतवाली सहित आठ थानों के दलबल के साथ घटना स्थल पहुंचे तो एएसआई को छोड़ने की बात कहने पर उन्होंने फिर धारदार हथियारों, लाठियों व पत्थरों से हमला कर दिया। महिलाओं ने छतों से भी पत्थर बरसाए। इस बीच एएसआई को छुड़ा लिया गया, लेकिन 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को अजीतगढ़ अस्पताल ले जाया गया।
एसपी ने संभाला मोर्चा, 13 को पकड़ा
पुलिस पर हमले की सूचना पर एसपी भुवन भूषण यादव भी मौके पर पहुंचे। पुलिस जाब्ते व आरएसी जवानों के साथ उन्होंने भी ढाणी डालावाली में आरोपियों की धरपकड़ शुरू की। इस दौरान 13 आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने हमलावरों की निकाली परेड
अपराधियों में खौफ व आमजन में विश्वास बहाली के लिए पुलिस ने गिरफ्तार हमलावरों की बुधवार शाम अजीतगढ़ कस्बे में परेड निकाली। पुलिस ने आरोपी सुभाष,, पूरणमल, महिपाल, रोहिताश्व, रामनिवास ,श्रीचंद ,सागरमल, राकेश, अंकित, बनवारी, लोकेश व मोहन की थाना परिसर से शाहपुरा सड़क मार्ग होते हुए वापस थाने ले जाया गया। परेड में लोगों ने पुलिस प्रशासन जिंदाबाद के नारे लगाए। पुलिस ने गढ़टकनेत व ढाणी डालावाली में फ्लैग मार्च भी निकाला। इस दौरान एएसपी गजेंद्र सिंह, अजीतगढ़ पुलिस उपाधीक्षक उमेश गुप्ता, रींगस डिप्टी संजय बोथरा आदि मौजूद रहे।
बिंदोरी में शामिल लोगों ने रोका
जब पुलिस पहली बार आरोपी महिपाल को पकड़ने गई तो गांव में उसके परिचित की शादी की बिंदोरी निकल रही थी। उसी में शामिल लोगों ने महिपाल को ले जाने से रोकते हुए पुलिस का विरोध किया। इसके बाद ही मामला तूल पकड़ गया।ग्रामीणों का
आरोप: पुलिस ने सोते हुए लोगों को पीटा
इस बीच ढाणी डाबावाली के ग्रामीणों ने भी पुलिस पर जबरन घर में घुसकर सोते हुए लोगों को पीटने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस ने इस दौरान घरों के शीशे, मटके व दीवारें व बाइकें तक तोड़ दी। बेकसूल लोगों को भी घसीटकर मारा।
43 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने मामले में 43 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। ढाणी डालावाली के महिपाल के अलावा सुभाष, पूरन, रोहितास, रामनिवास, सागरमल, रोहितास, राजेश, अंकित, बनवारी ,लोकेश ,मोहनलाल ,महिपाल, महावीर, नगरमल, मंजू देवी, सोनीदेवी, ग्यारसी, अजीत, कानाराम, विशाल, गिरधारी, प्रेम देवी, दिनेश, ग्यारसी, सरवणी, धोलू राम ,बाबूलाल, कविता, किरण, संगीता, राहुल ,विमला, योगेश, बलराम ,मंगलचंद, सुरेश समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया है।
ये पुलिसकर्मी हुए घायल
हमले में अजीतगढ़ थानाधिकारी मुकेश सेपट के अलावा खंडेला थानाधिकारी इंद्रप्रकाश यादव, एएसआई नेकीराम, कांस्टेबल पूरण, दीपक, उमेशकुमार, रविप्रकाश, अशोक कुमार, कर्मेंद्र, रामफूल, राकेश व सुरेश घायल हुए।
इनका कहना है-
पुलिस नामजद आरोपी को पकड़ने गई तो बिंदोरी में शामिल लोगों ने ले जाने से रोका। सूचना पर एएसआई पहुंचे तो पथराव कर बंधक बना लिया। बाद में कई थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंच एएसआई को छुड़वाया तो उन पर भी पत्थर बरसाए गए। बाद में मैं भी मौके पर पहुंचा और पुलिस टीम के साथ रेड मारते हुए 13 आरोपियों को हिरासत में लिया। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास जारी है।
भुवन भूषण यादव, एसपी, सीकर।
Hindi News / Sikar / पुलिस पर हमला: जाब्ता बढ़ाते हुए तीन बार गई पुलिस, महिलाओं ने छतों से बरसाए पत्थर, भागते समय भी हथियार लेकर दौड़े ग्रामीण