30 मार्च को मिला शव, पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाई गुत्थी
थाना हसनपुर पुलिस को 30 मार्च को सड़क किनारे एक युवक का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान कौशिन्द्र के रूप में हुई। परिजनों ने हत्या का शक जताते हुए तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। एसपी अमित कुमार आनंद के मुताबिक, थाना हसनपुर और एसओजी की टीम ने 48 घंटे के अंदर इस मर्डर मिस्ट्री का खुलासा कर दिया। पुलिस ने वीरपाल और उसकी पत्नी जमुना देवी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में जो कहानी सामने आई, वह चौंकाने वाली थी।
अवैध संबंध, धमकियां और फिर खौफनाक हत्या
जांच में सामने आया कि जमुना देवी और कौशिन्द्र के बीच पिछले दो सालों से अवैध संबंध थे। जब पति वीरपाल को इस बारे में पता चला, तो उसने अपनी पत्नी को कौशिन्द्र से दूर रहने की हिदायत दी। लेकिन कौशिन्द्र बार-बार जमुना से मिलने की जिद करता रहा और धमकियां देने लगा। वीरपाल को डर सताने लगा कि कहीं उसकी पत्नी और प्रेमी मिलकर उसका भी वही अंजाम न कर दें, जो मेरठ के सौरभ का हुआ था—ड्रम में भरकर हत्या! इसी डर ने उसे इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
खौफनाक प्लान: फोन पर बुलाया, हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाया
30 मार्च की रात पति-पत्नी ने मिलकर खौफनाक साजिश रची। फोन कर कौशिन्द्र को घर बुलाया और मौका पाकर उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद करीब तीन-चार घंटे तक शव को घर में ही रखा। अंधेरा होने के बाद वीरपाल ने अपने साले राजीव को बुलाया और दोनों ने मिलकर शव को बाइक पर बैठाया और सड़क किनारे फेंक दिया। सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत
इस पूरी वारदात की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज का सहारा मिला। फुटेज में दिखा कि वीरपाल और उसकी पत्नी मृतक कौशिन्द्र को बाइक पर बैठा रहे थे। इस पुख्ता सबूत के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अब वीरपाल और जमुना देवी को सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान वीरपाल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि वह खुद की जान बचाने के लिए इस हत्या को अंजाम देने पर मजबूर हो गया था।