किला में मोहल्ला जामा मस्जिद के रहने वाले दानिश मियां की 12 बीघा पुश्तैनी भूमि ग्राम बिधौलिया, गाटा संख्या 166 में स्थित है। इस भूमि को लेकर उनके रिश्तेदार रिजवान मियां पुत्र शहजाद मियां, उस्मान मियां, इमरान मियां, उवैश मलिक तथा रेहाना (पुत्री शहजाद मियां) से लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन था।
हाईकोर्ट आरोपियों के बैनामा निरस्त करने के कर चुका है आदेश
दानिश मियां ने बताया कि 23 अगस्त 2024 को उच्च न्यायालय ने विपक्षियों के नाम किए गए बैनामों को निरस्त कर दिया। राजस्व परिषद, लखनऊ ने भी आदेश जारी कर खतौनी से उनके नाम हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद 23 दिसंबर 2024 को उन्होंने उक्त भूमि की रजिस्ट्री शाकिर अली पुत्र साबिर अली निवासी टावर सैथल, थाना हाफिजगंज के नाम कर दी।
प्लाट देखने पहुंचे तो बोला हमला
24 अप्रैल 2025 को जब वे अपनी जमीन देखने पहुंचे तो वहां पर विपक्षियों से उनकी मुलाकात हो गई। जब उन्होंने कोर्ट के आदेशों की जानकारी दी, तो विपक्षियों ने गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी और परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, जान से मारने की नीयत से उनका गला दबा दिया गया, जिससे वे बेहोश हो गए। आरोप है कि इसी दौरान उनसे 50 हजार रुपये की जबरन वसूली की गई और कहा गया कि यदि जमीन वापस चाहिए तो 50 लाख रुपये और देने होंगे।
झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी
मुजीब मियां और एक अन्य व्यक्ति ने बीच-बचाव कर किसी तरह जान बचाई। दानिश मियां का यह भी आरोप है कि विपक्षी उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं और जमीन को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहे हैं। दानिश मियां ने मामले की शिकायत आईजी रेंज से की। आईजी के आदेश पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिये गये। साथ ही उन्होंने स्वयं व अपने परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की भी गुहार लगाई है।