ईंट भट्ठा ने दिखाई बिक्री
जीएसटी अधिकारियों ने पाया कि भट्ठा संचालक ने बिक्री दर्ज ही नहीं कराई थी, जिससे टैक्स की देनदारी शून्य हो गई। टीम ने मौके से आठ लाख तैयार ईंटें और कई अहम दस्तावेज जब्त किए। जांच में यह भी सामने आया कि पारस ब्रिक फील्ड दूसरी फर्म के नाम पर कोयला मंगवा रहा था, ताकि उसके उत्पादन का आकलन न हो सके। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक आकलन में डेढ़ करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का मामला सामने आया है।नियमानुसार टैक्स देने पर नहीं होगी जांच
जीएसटी अपर आयुक्त (ग्रेड-1) दिनेश कुमार मिश्र ने कहा कि जो ईंट भट्ठा संचालक उत्पादन और बिक्री पर नियमानुसार टैक्स अदा करेंगे, उनके खिलाफ कोई जांच नहीं होगी। लेकिन जो व्यापारी गड़बड़ी करेंगे, उनके रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन किया जाएगा और आवश्यक विधिक कार्रवाई होगी।जब्त दस्तावेज और सबूत
भट्ठे द्वारा 50 लाख रुपये का कोयला खरीदने का रिकॉर्ड मिला, लेकिन बिक्री शून्य दर्ज थी। मौके पर तैयार 8 लाख ईंटें सीज की गईं। पथाई, भराई, लेबर रजिस्टर समेत अन्य संदिग्ध दस्तावेज भी जब्त किए गए।दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों की समीक्षा के बाद प्रारंभिक रिपोर्ट न्याय निर्णयन अधिकारी को भेजी जाएगी।