जनअपेक्षाएं… जिन्हें पूरा करने की जरूरत
छिंदवाड़ा से सागर तक रेल लाइन की स्वीकृति रेल बजट में दी जाए, जिससे उत्तर-दक्षिण यात्रा का समय घटे। छिंदवाड़ा को संभाग का दर्जा मिले और जुन्नारदेव व परासिया को जिले का दर्जा परिसीमन आयोग के माध्यम से दिया जाए, जिससे प्रशासनिक दक्षता बढ़े। 4500 करोड़ रुपये की सिंचाई कॉम्प्लेक्स योजना को शीघ्र पूरा किया जाए, जिससे किसानों को पानी मिल सके। इलेक्ट्रिक बसों के के लिए ई-चार्जिंग सेंटर और इंटर स्टेट बस स्टैंड की स्थापना की जाए, जिससे ई-बसें छिंदवाड़ा में रुक सकें।ट्रांसपोर्ट नगर की आधारशिला रखी जा चुकी है, अब नगर निगम को इसके निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करना होगा। पेंच नदी में आई बाढ़ के कारण टूटे चौरई विकासखंड के सांख-हलालखुर्द-साजपानी मार्ग के पुल का पुनर्निर्माण किया जाए, जिससे ग्रामीणों को राहत मिले।
छिंदवाड़ा को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिले
छिंदवाड़ा को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिले, टाउन हॉल को पुरातात्विक धरोहर के रूप में विकसित किया जाए, और भरतादेव को जैव विविधता पार्क बनाया जाए। जिले में कृषि महाविद्यालय की स्थापना की जाए तथा उद्यानिकी महाविद्यालय का भवन शीघ्र बनाया जाए। राजा शंकरशाह विश्वविद्यालय का प्रस्तावित भवन सारना में अब तक अधूरा पड़ा है, इस पर शीघ्र ध्यान दिया जाए। पांढ़ुर्ना को अधोसंरचना मद से नए कार्यालयों एवं अधिकारियों की नियुक्ति मिले। पेंच की विष्णुपुरी माइंस, कन्हान क्षेत्र की तानसी और मोआरी माइंस की वन पर्यावरण स्वीकृति दी जाए, जिससे नई कोयला खदानों से रोजगार सृजन हो।
मुंबई और हैदराबाद के लिए सीधी रेल सेवा
बेसहारा बालिकाओं के लिए एक बालिका गृह की स्थापना की जाए।लहगडुआ में गारमेंट पार्क प्रोजेक्ट शीघ्र पूरा हो, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ें। छिंदवाड़ा से मुंबई और हैदराबाद के लिए सीधी रेल सेवा शुरू की जाए। जिले की सब्जी उत्पादन क्षमता को ध्यान में रखते हुए कोल्ड स्टोरेज और कृषक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाए।