जानकारी के अनुसार उपखंड के निधारा ग्राम पंचायत के मीरपुर गांव निवासी विनोद कोली अपने चाचा जगमोहन कोली और भतीजे तरुण और नितिन के साथ सुबह किसी काम से बसेड़ी गए थे। जहां से वापस लौटते समय जब वे कुहावनी गांव के पास पहुंचे सड़क पर आए जानवर को बचाने के चक्कर में गाड़ी अनियंत्रित हुई और सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और गाड़ी में फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को एंबुलेंस से बाड़ी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने घायल विनोद को मृतक घोषित कर दिया, वहीं तरुण और नितिन की हालत गंभीर होने पर धौलपुर रेफर कर दिया। जगमोहन का उपचार बाड़ी अस्पताल में चल रहा है।
खुशियों के घर में मातम
अस्पताल में मौजूद ग्रामीण पुष्पेंद्र ने बताया कि विनोद कि विनोद की शादी 20 दिन पहले 6 मार्च को बरौली से हुई थी। परिवार अभी शादी की खुशियों में ही डूबा था। घर में अभी भी रस्मों-रिवाजों की गूंज थी, पत्नी के हाथों की मेहंदी अभी पूरी तरह छूटी भी नहीं थी, कि विनोद की मौत की खबर ने सब कुछ बदल दिया। विनोद पंजाब में मार्बल मिस्त्री का काम करता था। पिता जसपाल खेती किसानी का काम करते हैं।
सपनों के साथ खत्म हो गई एक जिंदगी
विनोद के पास जीवन के अनगिनत सपने थे। शादी के बाद वो अपने परिवार और नई दुल्हन के साथ एक खुशहाल भविष्य की उम्मीदों में था। लेकिन एक दुर्घटना ने न केवल उसके जीवन को खत्म कर दिया, बल्कि परिवार की उम्मीदों और सपनों को भी तोड़ दिया।