जैन संत ने कहा, जिनके माता-पिता की आंखों से पीडि़त होकर गम आंसू नयन से छलक पड़ते हैं, उनके द्वारा किया गया दान, त्याग, तपस्या मुर्दे को श्रृंगार करने के समान है। विक्की भाई फाउंडेशन द्वारा संचालित आश्रम की जानकारी देते हुए विक्रम भूरट ने बताया कि गुरु के आशीर्वाद से यह मानव सेवा का पांचवा प्रकल्प प्रारंभ किया गया है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश जैन इचलकरंजी ने अपने संदेश में इनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए विक्रम भूरट, तेजराज जैन एवं अजय जैन को दिवाकर मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य मनोनीत किया। इस अवसर पर अजय जैन, सागर जैन, पारसमल पटवा, भारत नाहर, मनीष भूरट, गगन जैन ने दिवाकर मंच की ओर से विक्रम का अभिनंदन किया।