CG News: सरकारी राजस्व पर पड़ सकता है असर
जिला उप
पंचायती विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल 2024 से 26 मार्च 2025 तक कुल 3,443 रजिस्ट्री की गई, जिससे 33,99,27,160 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। जबकि निर्धारित लक्ष्य 45.45 करोड़ रुपए था। इसके विपरीत, पिछले वर्ष लक्ष्य से अधिक 108.08 प्रतिशत राजस्व प्राप्त हुआ था, और कुल 4,245 रजिस्ट्री हुई थी। वर्तमान में प्रशासन इस गिरावट से निपटने के लिए विभिन्न उपायों पर विचार कर रहा है। अगर जल्द ही राहत उपाय नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्ष में इससे सरकारी राजस्व पर और अधिक असर पड़ सकता है।
गाइडलाइन रेट कब बदलेगा, तय नहीं
फाइनेंशियल ईयर खत्म होने वाली है और गाइडलाइन रेट भी बढ़ाया जाना है, लेकिन यह तय नहीं किया जा सका है कि कितना रेट बढ़ेंगा। वहीं एक्सपर्ट का मानना है कि रेट को लेकर बैठक नहीं हुई है, अभी इसे लेकर सर्वे चल रहे है तो 1 अप्रैल को गाइडलाइन रेट में कोई भी बढ़ोतरी नहीं होगी। लेटर रजिस्ट्री ऑफिस जाएगा उसके बाद रेट में बढ़ोतरी होगी। रजिस्ट्री में गिरावट के कारण
30 फीसदी छूट हटाए जाने के कारण खरीदारों ने जमीन खरीदने में कम रुचि दिखाई। बढ़ती महंगाई: महंगाई और आर्थिक अस्थिरता के कारण भी लोग संपत्ति निवेश से दूर हो रहे हैं। ब्याज दरों में वृद्धि, होम लोन और अन्य ऋणों की ब्याज दरें बढ़ने से भी खरीदारों की संख्या में कमी आई है। आय से अधिक कई क्षेत्रों में सर्कल दर अधिक होने के कारण लोग रजिस्ट्री से बच रहे हैं।
सरकार के लिए चिंता का विषय
CG News: अगर यही स्थिति बनी रही, तो लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल होगा। इसके लिए सरकार को नई रणनीतियाँ अपनानी होंगी। रजिस्ट्री शुल्क में अस्थायी छूट देना। किफायती
हाउसिंग योजनाओं को बढ़ावा देना। जनता को जमीन खरीदने और रजिस्ट्री कराने के लाभों के बारे में जागरूक करना।