कोर्ट ने टिप्पणी की कि 1 दिसंबर, 2023 के आदेश का पालन न होने के मामले में अवमानना कार्रवाई शुरू करने से मुख्य सचिव को सुना जाना आवश्यक है। कोर्ट ने दिसंबर 2023 के आदेश की पालना के बारे में तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
वहीं, अदालती आदेश का पालन नहीं होने को लेकर अधिकारियों के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की है। न्यायाधीश अभय एस ओक और न्यायाधीश उज्जल भुइयां की खंडपीठ ने यह आदेश दिया।
आयुक्त के हलफनामे में भी अवहेलना का संकेत
कोर्ट ने कहा कि इस मामले में स्वायत्त शासन विभाग की ओर से पेश शपथपत्र में आदेश का पालन करने के बजाय अवहेलना का रूख दिखाया गया है, जबकि कोर्ट ने अदालती आदेश की पालना की समयसीमा बताने को कहा था। कोर्ट ने कहा कि अजमेर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के आयुक्त के हलफनामे में भी अवहेलना का संकेत है। कोर्ट ने कहा कि यदि अवमानना कार्यवाही से बचना है तो मुख्य सचिव अदालती आदेशों की पालना के संबंध में व्यक्तिगत तौर पर हलफनामा पेश करें।