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झालावाड़

पशुचिकित्सा व्यवस्था चौपट, दो साल से चिकित्सक नहीं, 22 केंद्रों में आधे से अधिक पद रिक्त

अकलेरा तहसील के करीब 250 गांवों के ग्रामीण व पशुपालक इस चिकित्सालय पर निर्भर है।

झालावाड़Feb 19, 2025 / 10:57 am

jagdish paraliya

अकलेरा क्षेत्र में पशु चिकित्सा विभाग की अनदेखी से नगर के प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में पशुओं के उपचार की व्यवस्था ठप पड़ी है। पिछले 2 साल से भी अधिक समय से पशु चिकित्सा अधिकारी का पद रिक्त हैं। अकलेरा तहसील के करीब 250 गांवों के ग्रामीण व पशुपालक इस चिकित्सालय पर निर्भर है। पशु चिकित्सा अधिकारी के अभाव में सहायक कर्मचारी ही पशुओं का उपचार कर रहा है।
अकलेरा क्षेत्र में पशु चिकित्सा विभाग की अनदेखी से नगर के प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में पशुओं के उपचार की व्यवस्था ठप पड़ी है। पिछले 2 साल से भी अधिक समय से पशु चिकित्सा अधिकारी का पद रिक्त हैं। अकलेरा तहसील के करीब 250 गांवों के ग्रामीण व पशुपालक इस चिकित्सालय पर निर्भर है। पशु चिकित्सा अधिकारी के अभाव में सहायक कर्मचारी ही पशुओं का उपचार कर रहा है।
नोडल अधिकारी डॉ. नीता रघुवंशी ने बताया कि क्षेत्र में पशुचिकित्सा व्यवस्था के लिए करीब 22 केंद्र काम कर रहे हैं। जिस केंद्र पर पद रिक्त है। वहां नजदीकी केंद्र से चिकित्सा व्यवस्था कराई जाती है। घाटोली एवं अकलेरा प्रथम श्रेणी पशु केंद्र है। अकलेरा में कार्यवाहक रूप में अरनिया के एलएसए को लगा रखा है।
देवली निवासी पशुपालक शिव सिंह किराड़ ने बताया कि पशु उपकेंद्र पर पशुओं के उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है जिससे क्षेत्र के पशुपालक झोलाछाप डॉक्टर के भरोसे है। इस संबंध में कई बार लिखित में भी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।
सबसे अधिक परेशानी बरसात के दिनों में आती है जब पशुओं में कई प्रकार की बीमारी होती है और जब बड़े सेंटर अकलेरा में पशु चिकित्सक उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में पशुओं का उपचार भगवान भरोसे है। वर्तमान में पशु अपच व दूषित चारे पानी से बीमार हो रहे हैं। इसके साथ ही गर्मी की शुरुआत में खुरपकामुंहपका बुखार डायरिया समेत अन्य रोग होने लगे हैं।

नोडल क्षेत्र में यह है स्थिति

अकलेरा एवं उसके आसपास के क्षेत्र में पशुओं के उपचार की व्यवस्था महज नाममात्र की है। क्षेत्र में स्थित चिकित्सा केंद्र अरनिया, भालता, पचोला, सरड़ा, चुरेलिया में महज 2 पशु चिकित्सक हैं, बाकी अन्य केंद्र पर पद रिक्त है। वहीं क्षेत्र स्थित उप केंद्र मोरली, आमेटा, लहास, नयापुरा, उमरिया, देवली, बैरागढ़, गोपालपुरा, देवरी चंचल, आसलपुर, बोरबन्द सहित आधे से अधिक केंद्र पर पर्याप्त स्टाफ नहीं है।

चुरेलिया के चिकित्सक को अकलेरा लगाएं

क्षेत्र के पशु चिकित्सा केंद्र चुरेलिया में चिकित्सक को लगा रखा है। उसके मुकाबले अकलेरा में चिकित्सक का पद रिक्त है। इस केंद्र से सैकड़ों गांव जुड़े हैं और यह सबसे पुराना पशु चिकित्सालय है। ऐसे में चुरेलिया के चिकित्सक को अकलेरा लगाया जाना चाहिए। इसके अलावा अन्य स्टाफ को भी लगाया जाना चाहिए।
पशुओं के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जा रही है। रिक्त पद केंद्र पर नजदीकी केंद्र के स्टाफ को भेजा जाता है। मोबाइल यूनिट भी क्षेत्र में पशुओं के उपचार में मदद कर रही है। स्टाफ की कमी को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाता है।
डॉ. नीतू रघुवंशी, नोडल अधिकारी क्षेत्र अकलेरा

अकलेरा क्षेत्र में चिकित्सकों की कमी है। केवल 2 चिकित्सक है। इसमें एक चुरेलिया में है। वहां कंपाउंडर भी है तो इस समस्या के लिए उच्चाधिकारियों से बात कर चुरेलिया के चिकित्सक को अकलेरा लगाने का प्रयास करेंगे । 20 फरवरी के बाद मुझे दौरा करना है।
टीएन बंसोड़, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग झालावाड़

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