scriptधड़ाधड़ हो रहे अवैध कब्जे: वन भी असुरक्षित, एक साल में 843 बीघा वन भूमि पर किया कब्जा | Illegal Encroachments In Kota Forest Land 843 Bighas In A Year Check Data | Patrika News
कोटा

धड़ाधड़ हो रहे अवैध कब्जे: वन भी असुरक्षित, एक साल में 843 बीघा वन भूमि पर किया कब्जा

Illegal Encroachment On Forest Land: शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में वन भूमि पर धड़ाधड़ अवैध कब्जे हो रहे हैं। वन विभाग के कोटा मंडल की रिपोर्ट में भी माना है कि जिले में पिछले तीन साल से वन भूमि पर अतिक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

कोटाFeb 25, 2025 / 09:10 am

Akshita Deora

वन भूमि पर चारदीवारी कर ऐसे किए जा रहे अतिक्रमण

रणजीतसिंह सोलंकी

Kota News: कोटा में भू-माफिया सक्रिय हैं। भू-माफियाओं को जहां भी सरकारी जमीन दिखती है, अवैध कब्जा कर लेते हैं। फिर कॉलोनियां काट कर बेच देते हैं। भू-माफियाओं के कारण कोटा जिले में वन असुरक्षित हो गए हैं। वन विभाग की ओर से भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद कोटा में एक साल में 843 बीघा वन भूमि पर अतिक्रमण हो गया है।
शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में वन भूमि पर धड़ाधड़ अवैध कब्जे हो रहे हैं। वन विभाग के कोटा मंडल की रिपोर्ट में भी माना है कि जिले में पिछले तीन साल से वन भूमि पर अतिक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वन विभाग की सुस्ती और राजनीतिक संरक्षण के कारण भू-माफिया बेलगाम हैं। भू-माफिया ने वर्ष 2023-24 में 843 बीघा वन भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है।

अतिक्रमण के 176 मामले सामने आए

विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 2021-2022 में वन भूमि पर अतिक्रमण के 39 मामले सामने आए थे, जबकि 2022-23 में भू-माफिया के खिलाफ विभाग की सख्ती के चलते अतिक्रमण के मामले कम हो गए थे, लेकिन प्रदेश में राज बदलने के बाद भू-माफिया फिर सक्रिय हो गए।
यह भी पढ़ें

सट्टा ऐप और कॉल सेंटर से ठगी, घर बैठे मोटी कमाई का लालच देती थी 10 लड़कियां, पुलिस ने लिया एक्शन

2023-24 में कोटा जिले में वन भूमि पर अतिक्रमण के 176 मामले सामने आए हैं। इसमें 134.48 हैक्टेयर वन भूमि पर भू-माफिया ने अवैध कब्जे कर लिए हैं। वन भूमि पर सर्वाधिक अवैध कब्जे के मामले लाडपुरा रेंज में सामने आए। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में करीब एक लाख बीघा से अधिक वन भूमि पर अतिक्रमण हो चुका है।

वन भूमि पर प्रभावशाली लोगों की नजर

कोटा शहर में वन भूमि शहरी क्षेत्र में आ चुकी है। इस कारण अब वन भूमि बेशकीमती हो गई है। इसके चलते प्रभावशाली लोगों ने भी बड़ी संख्या में अवैध कब्जे कर रखे हैं। किसी ने फार्म हाउस बना रखा है तो किसी ने पत्थरों की कच्ची दीवारें बनाकर खेती करना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों वन विभाग ने कांग्रेस नेता अमीन पठान की ओर से सरकारी जमीन पर बनाया गया फार्म हाउस और क्रिकेट अकेडमी को तोड़कर अपने कब्जे में लिया था।
पिछले दिनों आंवली रोजड़ी में वन विभाग की टीम अतिक्रमण तोड़ने गई तो भाजपा के एक नेता अतिक्रमियों के बचाव में पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध किया। इस कारण वन विभाग के दस्ते को उलटे पांव लौटना पड़ा। शहर के अनंतपुरा, अनंतपुरा तलाब, आंवली-रोजड़ी, बंधा धर्मपुरा में भी सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हो गया है।

सख्त एक्शन होगा

वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा, इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से समय-समय पर निरंतर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। जल्द ही अतिक्रमण के संबंध में पूरी जानकारी लेकर सख्त कार्रवाई करेंगे।
सोनल जोरिहार, वन संरक्षक, कोटा

यह भी पढ़ें

कांग्रेस प्रदेश महासचिव की अवैध क्रिकेट अकेडमी पर चला पीला पंजा, पुलिस प्रशासन ने मौके पर की 5 घंटे कार्रवाई

कोटा वन मंडल में भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति
वर्ष – मामले – जमीन

2019-20 – 221 – 87.405

2020.21 – 205 – 138.195

2021.22 – 39 – 7.609
2022.23 – 19 – 15.162

2023.24 – 176 – 134.548

जमीन हैक्टेयर में

Hindi News / Kota / धड़ाधड़ हो रहे अवैध कब्जे: वन भी असुरक्षित, एक साल में 843 बीघा वन भूमि पर किया कब्जा

ट्रेंडिंग वीडियो