मौसम विभाग के अनुसार, पिछले दो दिनों से महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। बुधवार को पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर, धाराशिव, लातूर, बीड और अहिल्यानगर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कोकण, विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ जिलों में येलो अलर्ट दिया गया है। आने वाले दो दिनों तक बेमौसम बारिश की संभावना बनी हुई है, साथ ही ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।
महाराष्ट्र में भीषण गर्मी, बारिश, कोहरा और ओलावृष्टि का ट्रिपल अटैक देखने को मिल रहा है। बढ़ते तापमान के कारण विदर्भ-मराठवाडा के कई हिस्सों में लू जैसे हालात बने हुए हैं, जबकि दूसरी तरफ बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की मुसीबत बढ़ गई है। कई जगहों पर रबी सीजन की फसलें कटाई के लिए तैयार हैं, लेकिन अचानक आंधी-बारिश और ओलों से बड़ा नुकसान हो रहा है।
बताया जा रहा है कि मध्य महाराष्ट्र में चक्रवातीय हवाओं का निर्माण हुआ है, जिससे अगले 24 घंटों में मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ में आंधी-तूफान और बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इसके चलते पुणे, नासिक, अहिल्यानगर, छत्रपति संभाजीनगर, बीड, जालना, सातारा, अमरावती और चंद्रपुर जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है। इसको ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने 15 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट (सतर्क रहें) जारी किया है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में येलो अलर्ट दिया गया है।
IMD ने महाराष्ट्र के लिए जारी किया अलर्ट –
गौरतलब हो कि मुंबई और आस-पास के उपनगरों के कुछ हिस्सों में मार्च के महीने में तापमान में 13 डिग्री सेल्सियस तक का खतरनाक अंतर देखा गया। एक अध्ययन के अनुसार, मुंबई व उसके आस-पास के शहरी इलाकों का तापमान कम विकसित व हरित क्षेत्रों के तापमान की तुलना में काफी ज्यादा दर्ज किया गया। शहर में अलग-अलग तापमान वाले छोटे-छोटे क्षेत्र तेजी से बन रहे हैं।
इसके मुताबिक, 1 मार्च से 22 मार्च के बीच, वसई पश्चिम और घाटकोपर में क्रमशः 33.5 डिग्री सेल्सियस और 33.3 डिग्री सेल्सियस औसत तापमान दर्ज किया गया जबकि हरित क्षेत्र व कम आबादी वाले पवई में तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा। अध्ययन के मुताबिक,“यह विश्लेषण एक ही शहर के भीतर 13.1 डिग्री सेल्सियस के अंतर को दर्शाता है।