सीएम रेखा गुप्ता ने विधानसभा में आगे कहा “मैंने अधिकारियों से पूछा कि एयर पॉल्यूशन में और क्या किया? इसपर अधिकारियों ने बताया कि स्मोक कवर लगवाए। कनॉट प्लेस पर एक स्मोक कवर लगवाने पर पर
अरविंद केजरीवाल की सरकार ने 22 करोड़ रुपये खर्च किए। जबकि इसके विज्ञापन पर 6 करोड़ रुपये खर्च किए गए और वो एक साल में ही बंद भी हो गया।” सीएम रेखा गुप्ता ने आगे कहा “दिल्ली में ऑड इवेन योजना के नाम पर खर्च एक रुपया नहीं किया। जबकि इसके विज्ञापन पर साल 2019-20 में 11 करोड़ रुपये, साल 2020-21 में 16 करोड़ और साल 2921-22 में 26 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। इसका रिजल्ट भी कुछ नहीं निकला।”
भाजपा ने हर योजना को पूरा करने का किया दावा
दूसरी ओर शुक्रवार को
भाजपा नेता गौरव भाटिया ने बताया “हमारे लिए गर्व की बात है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जब दिल्ली का बजट पेश किया तो एक नई सोच और उमंग के साथ इसे लाया गया। इसके अनुसार जो संकल्प पत्र में कहा गया वह पूरा होगा। जिसका एक बड़ा उदाहरण यह है कि हर महिला को प्रतिमाह 2500 रुपये मिलेंगे इसे लेकर बजट में 5100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।”
भाजपा नेता गौरव भाटिया ने
आम आदमी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा “दिल्ली में ‘आप’ की सरकार के समय SC बस्तियों के सुधार के लिए 65 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था, लेकिन केवल 50 लाख का बजट ही खर्च किया गया। ‘जय भीम सीएम प्रतिभा विकास’ योजना के तहत पिछड़े समाज से आने वाले बच्चों के लिए कोचिंग सेंटर्स उपलब्ध करवाना और उन्हें भत्ता देने का उद्देश्य था। इसके लिए 70 करोड़ का बजट रखा गया, लेकिन एक रुपया भी खर्च नहीं किया गया।”
आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना?
एक ओर जहां भाजपा सरकार आम आदमी पार्टी की सरकार की खामियां गिनवा रही हैं। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रही है। शुक्रवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा “बीजेपी सरकार महिलाओं को ₹2500, मुफ्त सिलेंडर, पुजारियों को मानदेय के ₹20,000 ना देने से ध्यान हटाने के लिए जगहों के नाम बदल रही है। लेकिन हम एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते बीजेपी सरकार की जवाबदेही तय करके रहेंगे और BJP को उनके वादों की याद दिलाते रहेंगे।”
आतिशी ने कहा “मैं ये मानती हूं कि बजट पेश करने से पहले इकोनॉमिक सर्वे कराने की बाध्यता नहीं है, लेकिन पिछले 70 साल में हर बजट पेश होने से पहले Economic Survey पेश होने की परंपरा रही है, लेकिन इस बार दिल्ली की BJP सरकार ने इसे छुपा लिया। सरकार को डर था कि Economic Survey पेश किया जाएगा तो उनके हवा-हवाई बजट की पोल खुल जाएगी और ग़लत आंकड़े सामने आ जायेंगे।”
आतिशी ने दिल्ली सरकार के बजट को हवा हवाई बताते हुए कहा “अगर इकोनॉमिक सर्वे कराया जाता तो दिल्ली की अर्थव्यवस्था की वास्तविक जानकारी मिली। दिल्ली के रियल एस्टेट, रिटेल और होलसेल सेक्टर से इकट्ठा होने वाले टैक्स की जानकारी सबके सामने आती। जब साढ़े 6 प्रतिशत की जीडीपी ग्रोथ केंद्र सरकार के इकोनॉमिक सर्वे में प्रोजेक्ट किया जा रहा है तो दिल्ली सरकार ये जादुई आंकड़ा कहां से पेश कर रही है।”