गरीब परिवारों को धनवर्षा के नाम पर फंसाते थे
गिरोह के सदस्य धनवर्षा कराने के नाम पर लोगों को ठगने की योजना बनाते थे। वे गरीब परिवारों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनकी बेटी में कोई विशेष शक्ति है जिससे तांत्रिक क्रिया करने पर घर में अपार धनवर्षा हो सकती है। इसके लिए किसी दुर्लभ वस्तु जैसे 20 नख वाला कछुआ, दो मुंहा सांप, उल्लू या विशेष नंबर के नोट पर अनुष्ठान करने की बात कही जाती थी। यह भी पढे़ें:
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तंत्र क्रिया की आड़ में अश्लील वीडियो बनाए जाते थे
गिरोह के ठग तंत्र क्रिया के दौरान लड़कियों के शरीर का पहले पूजन करते थे और फिर कथित अनुष्ठान शुरू किया जाता था। इस दौरान पीड़ित लड़कियों को क्या किया जाता था, इसकी कोई जानकारी नहीं रहती थी, क्योंकि पूरी प्रक्रिया को गुपचुप तरीके से रिकॉर्ड किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि इन वीडियो को अवैध वेबसाइटों पर बेचा जाता था। लड़कियों के परिवारों को इस बात की भनक तक नहीं लगती थी कि उनकी मासूम बेटियों को किस घिनौनी साजिश का शिकार बनाया जा रहा है। यह भी पढे़ें:
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गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब पुलिस को राजपाल नाम के युवक के अपहरण और तांत्रिक अनुष्ठान में उसकी बलि चढ़ाने की योजना के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने जब इस मामले की तहकीकात की तब पता चला कि यह गिरोह कई वर्षों से लोगों को नकदी की बारिश कराने का झूठा वादा कर ठगता आ रहा था।
तंत्र-मंत्र के नाम पर तस्करी और शोषण
यह गिरोह सिर्फ लड़कियों का शोषण ही नहीं करता था बल्कि यह वन्य जीवों की अवैध तस्करी में भी शामिल था। इस गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों तक फैला हुआ था। कई जिलों में इस गिरोह का नेटवर्क बहुत तेजी से फैल रहा था। यह भी पढे़ें:
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पुलिस ने इस गिरोह के पास से मोबाइल फोन, तांत्रिक क्रिया में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री, दुर्लभ प्रजाति के कछुए और अवैध हथियार बरामद किए हैं। गिरोह के मोबाइल फोन में 200 से अधिक अश्लील वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं, जिनसे इनके घिनौने कृत्यों का खुलासा हुआ है।
गिरोह 7-8 साल से कर रहा था शोषण
जांच में पता चला है कि यह गिरोह पिछले 7-8 वर्षों से सक्रिय था और इस दौरान सैकड़ों मासूम लड़कियों और गरीब परिवारों को अपनी साजिश का शिकार बना चुका था। फिलहाल पुलिस गिरोह के 14 लोगों को पकड़ा गया है। मामला अंधविश्वास और लालच का एक घिनौना खेल है, जिसमें निर्दोष लड़कियों को फंसाकर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया।