ये डिपो रहे टॉप डिपो राजस्व आय कोटपूतली- 1618238 झुंझुनूं-1141948 विद्याधर नगर-1146242 श्रीमाधोपुर-1347246 सीकर- 6218599 चूरू-706749 बीकानेर-936618 नागौर-668579 गंगानगर-777199 वैशाली नगर-646695 (राशि रुपए में)
इन कारणों से हुआ फायदा रोडवेज डिपो की ओर से बसें चलाई गई। मेले के दौरान यात्री भार के अनुसार अतिरिक्त बस चलाने के कारण यात्रियों को फायदा रहा। सीकर डिपो ने मेले में रोडवेज संचालन और मार्ग तय करने का जिम्मा संभाला। रोडवेज की ओर से खाटूश्यामजी में मेला ग्राउंड के पास डिपो तक बस चलाई गई। वहीं आने व जाने के अलग-अलग रूट तय किए। इससे रोडवेज बस जाम नहीं फंसी और यात्रियों का रुझान रोडवेज की ओर से बढ़ा। मेले के दोरान पहली बार रोडवेज ने रींगस से खाटूश्यामजी के बीच शटल सेवा चलाई। इसके अलावा डिपो की ओर से दिल्ली, जयपुर, रींगस, सीकर स्टैंड पर अतिरिक्त कर्मचारी लगाए। इसके कारण यात्री सीधे खाटूश्यामजी पहुंचे और आसानी से दर्शन लाभ लिया।
इनका कहना है अंचल का सबसे बड़ा लक्खी मेला होने के कारण रोडवेज कार्मिकों ने सीमित संसाधन होते हुए बेहतर तरीके से प्लानिंग की। इससे राजस्व में बढोतरी हुई। आगामी समय में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए इस रूट सहित अन्य मार्गों पर अधिक बस सेवाएं बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
दीपक कुमावत, मुख्य प्रबंधक रोडवेज, सीकर आगार